वैदिक सभ्यता
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ज्ञान वृक्ष (Mind Map)
महत्वपूर्ण तथ्य और जानकारी
वैदिक नदियाँ
ऋग्वेद में नदियों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सिंधु (Indus) सबसे अधिक उल्लेखित नदी है, जबकि सरस्वती (Ghaggar-Hakra) को सबसे पवित्र ('नदीतमा') माना गया है। दशराज्ञ युद्ध (दस राजाओं का युद्ध) परुष्णी (रावी) नदी के तट पर भरत जन के राजा सुदास और दस अन्य जनों के संघ के बीच हुआ था, जिसमें सुदास विजयी हुए।
विवाह के प्रकार
धर्मसूत्रों में 8 प्रकार के विवाहों का उल्लेख है, जिन्हें प्रशंसित (ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्राजापत्य) और अ-प्रशंसित (गांधर्व, असुर, राक्षस, पैशाच) में वर्गीकृत किया गया है। अनुलोम (उच्च वर्ण का पुरुष, निम्न वर्ण की स्त्री) और प्रतिलोम (विपरीत) विवाह भी प्रचलित थे, यद्यपि प्रतिलोम को अच्छा नहीं माना जाता था।
षड्दर्शन (Six Schools of Philosophy)
वैदिक परंपरा से छह प्रमुख दर्शन उत्पन्न हुए: सांख्य (कपिल), योग (पतंजलि), न्याय (गौतम), वैशेषिक (कणाद), मीमांसा (जैमिनी), और वेदांत (बादरायण)। ये दर्शन आत्मा, ब्रह्म, सृष्टि और मोक्ष जैसे विषयों पर विभिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं और भारतीय चिंतन के आधार स्तंभ हैं।
कर प्रणाली में परिवर्तन
ऋग्वैदिक काल में 'बलि' एक स्वैच्छिक भेंट थी जो कबीले के लोग राजा को देते थे। उत्तर वैदिक काल तक, यह एक अनिवार्य कर बन गया। इसके अतिरिक्त 'भाग' नामक एक नियमित कर भी वसूला जाने लगा, जो उपज का 1/6 हिस्सा होता था। 'संग्रहितृ' नामक अधिकारी कर संग्रह और खजाने का प्रभारी होता था।