पाषाण काल (Stone Age) - Notes & MCQs for UPSC, SSC, Railway

पाषाण काल (Stone Age)

UPSC, SSC, Railway और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण नोट्स और प्रश्न

पाषाण काल: एक अवलोकन

मानव सभ्यता के उस काल को पाषाण काल कहा जाता है, जब मनुष्य का जीवन पत्थरों पर अत्यधिक आश्रित था। इस काल में मनुष्य पत्थर के औजारों का उपयोग शिकार करने, अपनी रक्षा करने और कंद-मूल खोदने के लिए करता था। अध्ययन की सुविधा के लिए, पाषाण काल को तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:

1. पुरापाषाण काल (Paleolithic Age) - (लगभग 25 लाख ई.पू. से 10,000 ई.पू.)

यह पाषाण काल का सबसे लंबा चरण था। इस काल में मानव 'शिकारी और खाद्य-संग्राहक' (Hunter-Gatherer) था।

  • जीवन शैली: मनुष्य खानाबदोश जीवन व्यतीत करता था और भोजन की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमता रहता था। वे गुफाओं और चट्टानी आश्रयों में रहते थे।
  • औजार: बड़े और अपरिष्कृत पत्थर के औजारों का उपयोग होता था, जैसे - हस्तकुठार (Hand-axe), विदारणी (Cleaver), और खंडक (Chopper)। ये औजार क्वार्टजाइट पत्थर से बने होते थे।
  • अग्नि का ज्ञान: इस काल के अंत तक मनुष्य ने आग जलाना सीख लिया था, लेकिन इसका उपयोग सीमित था।
  • प्रमुख स्थल: भीमबेटका (मध्य प्रदेश), सोहन घाटी (पाकिस्तान), बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश), कुरनूल गुफाएं (आंध्र प्रदेश)।

2. मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) - (लगभग 10,000 ई.पू. से 6,000 ई.पू.)

यह पुरापाषाण और नवपाषाण काल के बीच का संक्रमण काल था। इस दौरान जलवायु गर्म और शुष्क हो गई।

  • जीवन शैली: शिकार और खाद्य-संग्रह जारी रहा, लेकिन पशुपालन की शुरुआत भी हो गई। आदमगढ़ (म.प्र.) और बागोर (राजस्थान) से पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं।
  • औजार (माइक्रोलिथ): इस काल के औजार बहुत छोटे होते थे, जिन्हें 'सूक्ष्मपाषाण' या 'माइक्रोलिथ' (Microliths) कहा जाता है। ये औजार हड्डी या लकड़ी के हत्थों में लगे होते थे।
  • कला: चट्टानों पर चित्रकारी (Rock Art) का विकास हुआ। भीमबेटका की गुफाओं में इस काल के कई चित्र मिलते हैं, जिनमें शिकार, नृत्य और युद्ध के दृश्य हैं।
  • प्रमुख स्थल: बागोर (राजस्थान), आदमगढ़ (मध्य प्रदेश), लंघनाज (गुजरात), सराय नाहर राय (उत्तर प्रदेश)।

3. नवपाषाण काल (Neolithic Age) - (लगभग 6,000 ई.पू. से 1,000 ई.पू.)

इस काल को 'नवपाषाण क्रांति' भी कहा जाता है क्योंकि मानव जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए।

  • कृषि की शुरुआत: मनुष्य ने फसल उगाना सीख लिया, जिससे वह 'खाद्य-उत्पादक' (Food Producer) बन गया। जौ और गेहूँ पहली उगाई गई फसलों में से थीं।
  • स्थायी जीवन: कृषि के कारण मनुष्य ने स्थायी रूप से बसना शुरू कर दिया और गाँवों का विकास हुआ।
  • पहिए का आविष्कार: इस काल की एक महत्वपूर्ण खोज पहिया थी, जिसने परिवहन और मिट्टी के बर्तन बनाने में क्रांति ला दी।
  • औजार: औजारों को पॉलिश किया जाने लगा, जिससे वे अधिक चिकने और प्रभावी हो गए।
  • मृदभांड (Pottery): मिट्टी के बर्तन बनाने की कला का विकास हुआ, जिनका उपयोग अनाज के भंडारण और खाना पकाने के लिए किया जाता था।
  • प्रमुख स्थल: मेहरगढ़ (पाकिस्तान, कृषि का प्राचीनतम साक्ष्य), बुर्जहोम (कश्मीर, गर्तावास/गड्ढों के घर), गुफकराल (कश्मीर), चिरांद (बिहार, हड्डी के औजार), कोल्डिहवा (उत्तर प्रदेश, चावल का प्राचीनतम साक्ष्य)।

अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs)

1. 'माइक्रोलिथ' (Microlith) नामक पत्थर के औजार किस काल से संबंधित हैं?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) ताम्रपाषाण काल

उत्तर: B) मध्यपाषाण काल

व्याख्या: मध्यपाषाण काल में जलवायु परिवर्तन के कारण छोटे जानवरों का शिकार करने के लिए छोटे, नुकीले और कुशल औजारों की आवश्यकता हुई। इन छोटे पत्थर के औजारों को 'माइक्रोलिथ' कहा जाता है।

2. निम्नलिखित में से किस स्थल पर कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं?

A) बुर्जहोम

B) चिरांद

C) मेहरगढ़

D) भीमबेटका

उत्तर: C) मेहरगढ़

व्याख्या: मेहरगढ़ (वर्तमान बलूचिस्तान, पाकिस्तान) में लगभग 7000 ई.पू. में गेहूँ और जौ की खेती के साक्ष्य मिले हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि के सबसे पुराने प्रमाण हैं।

3. भीमबेटका की गुफाएं किस लिए प्रसिद्ध हैं?

A) बौद्ध मूर्तियों के लिए

B) खनिज भंडार के लिए

C) शैलचित्रों (Rock Paintings) के लिए

D) प्राचीन मंदिरों के लिए

उत्तर: C) शैलचित्रों (Rock Paintings) के लिए

व्याख्या: मध्य प्रदेश में स्थित भीमबेटका की गुफाएं पुरापाषाण और मध्यपाषाण काल के शैलचित्रों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। इन चित्रों में शिकार, नृत्य, और सामूहिक जीवन के दृश्य दिखाए गए हैं।

4. 'गर्त-आवास' (Pit-dwelling) के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए हैं?

A) मेहरगढ़

B) बुर्जहोम

C) कोल्डिहवा

D) ब्रह्मगिरि

उत्तर: B) बुर्जहोम

व्याख्या: जम्मू और कश्मीर में स्थित नवपाषाण कालीन स्थल बुर्जहोम में लोग गड्ढे खोदकर घर बनाते थे, जिन्हें 'गर्त-आवास' कहा जाता है। इनमें उतरने के लिए सीढ़ियां होती थीं।

5. मानव द्वारा प्रयोग की जाने वाली पहली धातु कौन सी थी?

A) लोहा

B) सोना

C) तांबा

D) कांसा

उत्तर: C) तांबा

व्याख्या: नवपाषाण काल के अंत में मनुष्य ने सबसे पहले तांबे का उपयोग करना सीखा। जिस काल में पत्थर और तांबे दोनों का प्रयोग हुआ, उसे ताम्रपाषाण काल (Chalcolithic Age) कहते हैं।

6. भारतीय उपमहाद्वीप में चावल की खेती का प्राचीनतम साक्ष्य किस पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुआ है?

A) मेहरगढ़

B) चिरांद

C) कोल्डिहवा

D) बागोर

उत्तर: C) कोल्डिहवा

व्याख्या: उत्तर प्रदेश के बेलन घाटी में स्थित कोल्डिहवा से लगभग 6000 ई.पू. के चावल के दाने मिले हैं, जिन्हें दुनिया में चावल की खेती का सबसे पुराना प्रमाण माना जाता है।

7. 'राख के टीले' (Ash Mounds) किस नवपाषाण कालीन स्थल से संबंधित हैं?

A) बुर्जहोम

B) संगनकल्लू

C) कोल्डिहवा

D) ब्रह्मगिरि

उत्तर: B) संगनकल्लू

व्याख्या: दक्षिण भारत के नवपाषाण स्थलों जैसे संगनकल्लू, पिक्लीहल और उतनूर से राख के टीले मिले हैं। ये टीले संभवतः मौसमी शिविरों में मवेशियों के गोबर को जलाने से बने थे।

8. मनुष्य ने किस काल में स्थायी रूप से बसना प्रारंभ किया?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) लौह युग

उत्तर: C) नवपाषाण काल

व्याख्या: कृषि की शुरुआत के कारण नवपाषाण काल में मनुष्य को अपनी फसलों की देखभाल के लिए एक ही स्थान पर रुकना पड़ा। इसी कारण स्थायी बस्तियों और गाँवों का विकास हुआ।

9. भारत में पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?

A) आदमगढ़ और बागोर

B) बुर्जहोम और गुफकराल

C) मेहरगढ़ और कोल्डिहवा

D) चिरांद और सराय नाहर राय

उत्तर: A) आदमगढ़ और बागोर

व्याख्या: मध्यपाषाण काल के दो प्रमुख स्थल, आदमगढ़ (मध्य प्रदेश) और बागोर (राजस्थान) से पशुपालन के शुरुआती साक्ष्य मिले हैं, जो लगभग 5000 ई.पू. के हैं।

10. किस स्थल पर मानव कंकाल के साथ कुत्ते को दफनाने के साक्ष्य मिले हैं?

A) चिरांद

B) मेहरगढ़

C) गुफकराल

D) बुर्जहोम

उत्तर: D) बुर्जहोम

व्याख्या: कश्मीर के नवपाषाण स्थल बुर्जहोम में कब्रों में मालिकों के साथ उनके पालतू कुत्तों को भी दफनाया जाता था। यह प्रथा उस समय के मानव-पशु संबंध को दर्शाती है।

11. पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) लौह युग

उत्तर: C) नवपाषाण काल

व्याख्या: पहिए का आविष्कार नवपाषाण काल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। इसने परिवहन (गाड़ियों) और कुम्हारी (चाक) में क्रांति ला दी, जिससे मानव जीवन और अधिक सुगम हो गया।

12. बिहार में स्थित कौन सा पुरास्थल हड्डी के औजारों के लिए जाना जाता है?

A) सारण

B) चिरांद

C) वैशाली

D) पटना

उत्तर: B) चिरांद

व्याख्या: चिरांद (सारण जिला, बिहार) एक प्रमुख नवपाषाण कालीन स्थल है, जहाँ से बड़ी मात्रा में हिरण के सींगों से बने हड्डी के औजार और उपकरण प्राप्त हुए हैं।

13. रॉबर्ट ब्रूस फूट, जिन्होंने भारत में पहले पुरापाषाण कालीन उपकरण की खोज की, वे मूल रूप से क्या थे?

A) एक पुरातत्ववेत्ता

B) एक भूविज्ञानी

C) एक इतिहासकार

D) एक वनस्पतिशास्त्री

उत्तर: B) एक भूविज्ञानी

व्याख्या: रॉबर्ट ब्रूस फूट एक ब्रिटिश भूविज्ञानी और पुरातत्ववेत्ता थे। 1863 में, उन्होंने पल्लवरम (चेन्नई के पास) से पहले पुरापाषाण कालीन उपकरण (हस्तकुठार) की खोज की, जिससे भारत में प्रागैतिहासिक अध्ययन की शुरुआत हुई।

14. पुरापाषाण काल के मनुष्य मुख्य रूप से किस पर निर्भर थे?

A) कृषि

B) पशुपालन

C) शिकार और खाद्य संग्रह

D) व्यापार

उत्तर: C) शिकार और खाद्य संग्रह

व्याख्या: पुरापाषाण काल के मानव की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से शिकार (जानवरों का) और खाद्य संग्रह (जंगली पौधों, फलों, कंद-मूल) पर आधारित थी। वे खाद्य-उत्पादक नहीं थे।

15. भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य कहाँ मिलता है?

A) नीलगिरि पहाड़ियाँ

B) शिवालिक पहाड़ियाँ

C) नर्मदा घाटी

D) नल्लामाला पहाड़ियाँ

उत्तर: C) नर्मदा घाटी

व्याख्या: भारत में मानव का सबसे पहला प्रमाण मध्य प्रदेश के पश्चिमी नर्मदा क्षेत्र में स्थित हथनोरा नामक स्थल से मिला है। यहाँ से एक मानव खोपड़ी (होमो इरेक्टस) का जीवाश्म प्राप्त हुआ है।

16. 'तीन युग प्रणाली' (पाषाण, कांस्य और लौह) का विभाजन किसने किया था?

A) थॉमसन

B) जॉन मार्शल

C) रॉबर्ट ब्रूस फूट

D) अलेक्जेंडर कनिंघम

उत्तर: A) थॉमसन

व्याख्या: डेनमार्क के पुरातत्ववेत्ता क्रिश्चियन जर्गेनसेन थॉमसन ने 1820 में कोपेनहेगन संग्रहालय की वस्तुओं के आधार पर प्रागैतिहासिक काल को पाषाण युग, कांस्य युग और लौह युग में विभाजित किया था।

17. किस काल के औजारों को बनाने के लिए क्वार्टजाइट पत्थर का उपयोग किया जाता था?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) ताम्रपाषाण काल

उत्तर: A) पुरापाषाण काल

व्याख्या: पुरापाषाण काल में औजार बनाने के लिए मुख्य रूप से कठोर पत्थर 'क्वार्टजाइट' का उपयोग किया जाता था। इसी कारण पुरापाषाण काल के मानव को 'क्वार्टजाइट मैन' भी कहा जाता है।

18. निम्नलिखित में से कौन सा नवपाषाण कालीन स्थल नहीं है?

A) संगनकल्लू

B) बुर्जहोम

C) बागोर

D) पिक्लीहल

उत्तर: C) बागोर

व्याख्या: बागोर (राजस्थान) एक प्रमुख मध्यपाषाण कालीन स्थल है, जहाँ से माइक्रोलिथ और पशुपालन के साक्ष्य मिले हैं। संगनकल्लू, बुर्जहोम और पिक्लीहल प्रसिद्ध नवपाषाण कालीन स्थल हैं।

19. मानव ने आग का उपयोग करना किस काल में सीखा?

A) निम्न पुरापाषाण काल

B) मध्य पुरापाषाण काल

C) उच्च पुरापाषाण काल

D) नवपाषाण काल

उत्तर: A) निम्न पुरापाषाण काल

व्याख्या: मानव ने आग की खोज निम्न पुरापाषाण काल में ही कर ली थी, लेकिन इसका व्यवस्थित और व्यापक उपयोग करना नवपाषाण काल में सीखा। आग का उपयोग ठंड से बचने, जंगली जानवरों को डराने और भोजन पकाने के लिए किया जाने लगा।

20. मृदभांड (Pottery) का निर्माण सबसे पहले किस काल में शुरू हुआ?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) लौह युग

उत्तर: C) नवपाषाण काल

व्याख्या: नवपाषाण काल में जब मनुष्य ने अनाज का उत्पादन शुरू किया, तो उसे संग्रहीत करने और पकाने के लिए बर्तनों की आवश्यकता हुई। इसी आवश्यकता ने मिट्टी के बर्तन (मृदभांड) के निर्माण को जन्म दिया।

21. 'होमो सेपियंस' (आधुनिक मानव) का उदय किस काल में हुआ?

A) निम्न पुरापाषाण काल

B) मध्य पुरापाषाण काल

C) उच्च पुरापाषाण काल

D) मध्यपाषाण काल

उत्तर: C) उच्च पुरापाषाण काल

व्याख्या: उच्च पुरापाषाण काल (Upper Palaeolithic Age) के अंत तक होमो सेपियंस यानी आधुनिक प्रारूप के मानव का उदय हुआ। इस काल में नए चकमक उद्योग और हड्डी के उपकरणों का विकास भी हुआ।

22. दक्षिण भारत में नवपाषाण संस्कृति का मुख्य स्थल कौन सा है?

A) ब्रह्मगिरि

B) आदमगढ़

C) चिरांद

D) मेहरगढ़

उत्तर: A) ब्रह्मगिरि

व्याख्या: ब्रह्मगिरि (कर्नाटक) दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण नवपाषाण कालीन स्थल है। इसके अलावा पिक्लीहल, संगनकल्लू, मस्की और हल्लूर भी प्रमुख दक्षिण भारतीय नवपाषाण स्थल हैं।

23. पाषाण युग के लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या था?

A) कृषि

B) शिकार

C) मछली पकड़ना

D) व्यापार

उत्तर: B) शिकार

व्याख्या: यद्यपि पाषाण युग में समय के साथ विकास हुआ, लेकिन शिकार हमेशा एक केंद्रीय गतिविधि बनी रही। पुरापाषाण और मध्यपाषाण काल में यह मुख्य व्यवसाय था, और नवपाषाण काल में कृषि के साथ-साथ जारी रहा।

24. सराय नाहर राय और महदहा संबंधित हैं:

A) विंध्य क्षेत्र के नवपाषाण संस्कृति से

B) गंगा घाटी की मध्यपाषाण संस्कृति से

C) दक्षिण भारत की पुरापाषाण संस्कृति से

D) कश्मीर की नवपाषाण संस्कृति से

उत्तर: B) गंगा घाटी की मध्यपाषाण संस्कृति से

व्याख्या: सराय नाहर राय और महदहा (दोनों उत्तर प्रदेश में) गंगा घाटी के महत्वपूर्ण मध्यपाषाण कालीन स्थल हैं। यहाँ से स्तंभ गर्त, चूल्हे और बड़ी संख्या में मानव कंकाल मिले हैं।

25. 'नवपाषाण क्रांति' (Neolithic Revolution) शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया?

A) रॉबर्ट ब्रूस फूट

B) सर जॉन लुबॉक

C) गॉर्डन चाइल्ड

D) मॉर्टिमर व्हीलर

उत्तर: C) गॉर्डन चाइल्ड

व्याख्या: प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता वी. गॉर्डन चाइल्ड ने अपनी पुस्तक "Man Makes Himself" (1936) में नवपाषाण काल में कृषि की शुरुआत और स्थायी जीवन के कारण हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों को 'नवपाषाण क्रांति' का नाम दिया।

26. बेलन घाटी किस राज्य में स्थित है, जहाँ पाषाण काल के तीनों चरणों के साक्ष्य मिले हैं?

A) मध्य प्रदेश

B) राजस्थान

C) बिहार

D) उत्तर प्रदेश

उत्तर: D) उत्तर प्रदेश

व्याख्या: बेलन घाटी (इलाहाबाद के पास, उत्तर प्रदेश) एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है क्योंकि यहाँ से पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल के अनुक्रमिक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

27. पॉलिशदार पत्थर के औजार किस काल की विशेषता थे?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) ताम्रपाषाण काल

उत्तर: C) नवपाषाण काल

व्याख्या: नवपाषाण काल में औजारों को घिसकर और पॉलिश करके अधिक चिकना और धारदार बनाया जाता था। यह तकनीक पुरापाषाण काल के खुरदुरे औजारों से एक महत्वपूर्ण सुधार थी।

28. गुफकराल का क्या अर्थ है?

A) कुम्हार की गुफा

B) राजा की गुफा

C) सफेद गुफा

D) पवित्र गुफा

उत्तर: A) कुम्हार की गुफा

व्याख्या: गुफकराल, कश्मीर में स्थित एक नवपाषाण कालीन स्थल है। स्थानीय भाषा में 'गुफकराल' का अर्थ 'कुम्हार की गुफा' होता है। यहाँ से कृषि, पशुपालन और हड्डी के औजारों के साक्ष्य मिले हैं।

29. मध्यपाषाण काल के संदर्भ में, निम्नलिखित में से क्या सही है?

A) बड़े पत्थर के औजारों का उपयोग

B) कृषि का व्यापक प्रचलन

C) पशुपालन की शुरुआत

D) स्थायी ग्रामीण जीवन

उत्तर: C) पशुपालन की शुरुआत

व्याख्या: मध्यपाषाण काल एक संक्रमण काल था जिसमें शिकार और संग्रह के साथ-साथ पशुपालन की भी शुरुआत हुई। आदमगढ़ और बागोर से इसके प्रारंभिक साक्ष्य मिलते हैं। कृषि और स्थायी जीवन नवपाषाण काल की विशेषताएं हैं।

30. निम्नलिखित में से कौन सा स्थल अपनी सोहन संस्कृति (Soanian culture) के लिए जाना जाता है?

A) बेलन घाटी

B) नर्मदा घाटी

C) सोहन घाटी

D) कृष्णा घाटी

उत्तर: C) सोहन घाटी

व्याख्या: सोहन घाटी (अब पाकिस्तान में) निम्न पुरापाषाण काल की 'सोहन संस्कृति' के लिए प्रसिद्ध है। इस संस्कृति की विशेषता चौपर-चॉपिंग (Chopper-Chopping) उपकरण परंपरा है।

31. प्रागैतिहासिक काल के अध्ययन को क्या कहा जाता है?

A) इतिहास

B) पुरातत्व

C) मुद्राशास्त्र

D) पुरालेखशास्त्र

उत्तर: B) पुरातत्व

व्याख्या: पुरातत्व (Archaeology) वह विज्ञान है जो भौतिक अवशेषों (जैसे औजार, बर्तन, जीवाश्म) के आधार पर मानव के अतीत का अध्ययन करता है। प्रागैतिहासिक काल का कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए इसका अध्ययन पूरी तरह से पुरातत्व पर निर्भर है।

32. किस युग को 'चाल्कोलिथिक युग' (Chalcolithic Age) भी कहा जाता है?

A) पुरापाषाण युग

B) मध्यपाषाण युग

C) नवपाषाण युग

D) ताम्रपाषाण युग

उत्तर: D) ताम्रपाषाण युग

व्याख्या: 'चाल्को' (Chalco) का अर्थ तांबा और 'लिथिक' (lithic) का अर्थ पत्थर होता है। इसलिए, ताम्रपाषाण युग को चाल्कोलिथिक युग भी कहा जाता है, क्योंकि इस अवधि में पत्थर और तांबे दोनों का एक साथ उपयोग किया गया था।

33. शुतुरमुर्ग के अंडे के छिलकों पर चित्रकारी के साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?

A) पाटणे

B) भीमबेटका

C) आदमगढ़

D) बागोर

उत्तर: A) पाटणे

व्याख्या: महाराष्ट्र के पाटणे नामक पुरापाषाण कालीन स्थल से शुतुरमुर्ग के अंडे के छिलके मिले हैं, जिनमें से कुछ पर चित्रकारी की गई थी और कुछ से मनके बनाए गए थे। यह उच्च पुरापाषाण काल से संबंधित है।

34. निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण पुरापाषाण काल से संबंधित नहीं है?

A) हस्तकुठार (Hand-axe)

B) विदारणी (Cleaver)

C) सेल्ट (Celt)

D) खंडक (Chopper)

उत्तर: C) सेल्ट (Celt)

व्याख्या: सेल्ट (एक प्रकार की पॉलिश की हुई कुल्हाड़ी) नवपाषाण काल का एक विशिष्ट उपकरण है। हस्तकुठार, विदारणी और खंडक पुरापाषाण काल के विशिष्ट उपकरण हैं।

35. मानव द्वारा पाला गया पहला जानवर कौन सा था?

A) भेड़

B) बकरी

C) कुत्ता

D) घोड़ा

उत्तर: C) कुत्ता

व्याख्या: माना जाता है कि कुत्ते (भेड़िये का एक जंगली पूर्वज) मानव द्वारा पालतू बनाया गया पहला जानवर था। यह प्रक्रिया मध्यपाषाण काल में शुरू हुई और शिकार में सहायता के लिए इसका उपयोग किया गया।

36. लंघनाज किस राज्य में स्थित एक प्रमुख मध्यपाषाण स्थल है?

A) राजस्थान

B) गुजरात

C) मध्य प्रदेश

D) उत्तर प्रदेश

उत्तर: B) गुजरात

व्याख्या: लंघनाज गुजरात का एक महत्वपूर्ण मध्यपाषाण कालीन स्थल है। यहां से माइक्रोलिथ, पशुओं की हड्डियां और 14 मानव कंकाल मिले हैं।

37. किस क्षेत्र को 'भारतीय प्रागैतिहासिक का टेक्स्ट-बुक' कहा जाता है?

A) सोहन घाटी

B) बेलन घाटी

C) नर्मदा घाटी

D) भीमबेटका

उत्तर: B) बेलन घाटी

व्याख्या: बेलन घाटी को यह उपाधि इसलिए दी जाती है क्योंकि यहां पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल का एक स्पष्ट और निरंतर अनुक्रम मिलता है, जो प्रागैतिहासिक अध्ययन के लिए एक आदर्श स्थल है।

38. होमो इरेक्टस की खोपड़ी निम्नलिखित में से किस स्थान पर पाई गई थी?

A) हथनोरा

B) पल्लवरम

C) बागोर

D) बुर्जहोम

उत्तर: A) हथनोरा

व्याख्या: मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी में स्थित हथनोरा में, पुरातत्वविद् अरुण सोनकिया ने 1982 में एक होमो इरेक्टस (या आर्कैक होमो सेपियंस) की खोपड़ी का जीवाश्म खोजा था, जो भारत में पाया गया सबसे पुराना मानव जीवाश्म है।

39. मध्यपाषाण काल में प्रयुक्त होने वाले औजार बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें ___ कहा जाता था।

A) मेगालिथ

B) सेल्ट

C) माइक्रोलिथ

D) बोल्डेर्स

उत्तर: C) माइक्रोलिथ

व्याख्या: 'माइक्रो' का अर्थ है छोटा और 'लिथ' का अर्थ है पत्थर। मध्यपाषाण काल के छोटे पत्थर के औजारों को उनकी आकार के कारण माइक्रोलिथ (सूक्ष्मपाषाण) कहा जाता था।

40. जोरवे संस्कृति (Jorwe Culture) किस काल से संबंधित एक प्रसिद्ध संस्कृति थी?

A) पुरापाषाण काल

B) नवपाषाण काल

C) ताम्रपाषाण काल

D) लौह युग

उत्तर: C) ताम्रपाषाण काल

व्याख्या: जोरवे संस्कृति महाराष्ट्र की एक प्रमुख ताम्रपाषाणिक संस्कृति थी, जो लगभग 1400-700 ई.पू. तक विकसित हुई। इसके प्रमुख स्थल दैमाबाद, इनामगांव और जोरवे हैं।

41. निम्नलिखित में से किस स्थल से बड़ी संख्या में मध्यपाषाण कालीन शैलचित्र प्राप्त हुए हैं?

A) मेहरगढ़

B) चिरांद

C) भीमबेटका

D) कोल्डिहवा

उत्तर: C) भीमबेटका

व्याख्या: भीमबेटका (मध्य प्रदेश) भारत में प्रागैतिहासिक शैल कला का सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध स्थल है। यहाँ पुरापाषाण काल से लेकर मध्यपाषाण काल तक के चित्र मिलते हैं, जो उस समय के जीवन को दर्शाते हैं।

42. 'नवदाटोली' का उत्खनन किसने किया था?

A) के. डी. बाजपेयी

B) वी. एस. वाकणकर

C) एच. डी. सांकलिया

D) मॉर्टिमर व्हीलर

उत्तर: C) एच. डी. सांकलिया

व्याख्या: नवदाटोली (मध्य प्रदेश) एक प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल है। इसका उत्खनन डेक्कन कॉलेज, पुणे के प्रोफेसर एच. डी. सांकलिया ने करवाया था।

43. प्रारंभिक पूर्ण मानव को किस नाम से जाना जाता था?

A) निएंडरथल

B) क्रो-मैग्नन

C) ऑस्ट्रेलोपिथेकस

D) होमो हैबिलिस

उत्तर: B) क्रो-मैग्नन

व्याख्या: क्रो-मैग्नन को शारीरिक रूप से आधुनिक मानव (होमो सेपियंस) का प्रारंभिक रूप माना जाता है। वे उच्च पुरापाषाण काल के दौरान यूरोप में रहते थे और उन्नत औजारों और कला के लिए जाने जाते हैं।

44. इनामगांव भारत के किस राज्य में स्थित है?

A) मध्य प्रदेश

B) आंध्र प्रदेश

C) महाराष्ट्र

D) गुजरात

उत्तर: C) महाराष्ट्र

व्याख्या: इनामगांव महाराष्ट्र में स्थित एक विशाल ताम्रपाषाणिक बस्ती है। यह जोरवे संस्कृति से संबंधित है और यहाँ से किलेबंदी, घरों और कई कब्रों के साक्ष्य मिले हैं।

45. पाषाण काल के किस चरण में लोगों ने मृतकों का अंतिम संस्कार करना शुरू किया?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) ताम्रपाषाण काल

उत्तर: B) मध्यपाषाण काल

व्याख्या: मध्यपाषाण काल में पहली बार मृतकों को व्यवस्थित रूप से दफनाने की प्रथा के साक्ष्य मिलते हैं। कब्रों में शवों के साथ-साथ माइक्रोलिथ और अन्य वस्तुएं भी रखी जाती थीं, जो किसी प्रकार के पारलौकिक जीवन में विश्वास का संकेत देती हैं।

46. भारत में प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक किसे कहा जाता है?

A) अलेक्जेंडर कनिंघम

B) रॉबर्ट ब्रूस फूट

C) सर जॉन मार्शल

D) एच. डी. सांकलिया

उत्तर: B) रॉबर्ट ब्रूस फूट

व्याख्या: रॉबर्ट ब्रूस फूट ने 1863 में पल्लवरम से पहले पाषाण उपकरण की खोज करके भारत में प्रागैतिहासिक अध्ययन की नींव रखी। इसलिए उन्हें 'भारतीय प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक' माना जाता है। (नोट: अलेक्जेंडर कनिंघम को 'भारतीय पुरातत्व का जनक' कहा जाता है, जो मुख्य रूप से ऐतिहासिक काल से संबंधित है)।

47. ब्लेड और ब्यूरिन उपकरण किस काल की विशेषता हैं?

A) निम्न पुरापाषाण काल

B) मध्य पुरापाषाण काल

C) उच्च पुरापाषाण काल

D) मध्यपाषाण काल

उत्तर: C) उच्च पुरापाषाण काल

व्याख्या: उच्च पुरापाषाण काल में पत्थर के लंबे, समानांतर किनारों वाले फलक (Blade) और हड्डी या सींग पर नक्काशी के लिए इस्तेमाल होने वाले नुकीले उपकरण (Burin) का विकास हुआ। यह एक उन्नत उपकरण तकनीक थी।

48. किस नवपाषाण स्थल पर बड़ी संख्या में भैंसों और बारहसिंगों के सींग से बने उपकरण मिले हैं?

A) बुर्जहोम

B) गुफकराल

C) चिरांद

D) मेहरगढ़

उत्तर: C) चिरांद

व्याख्या: बिहार के सारण जिले में स्थित चिरांद, हड्डी के उपकरणों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां से बड़ी मात्रा में हिरण (बारहसिंगा) के सींगों से बने औजार मिले हैं, जो इस क्षेत्र में इन जानवरों की प्रचुरता को दर्शाते हैं।

49. 'मेगालिथ' (Megalith) का संबंध किससे है?

A) गुफा चित्रकला

B) ताम्रपाषाणिक उपकरण

C) बड़े पत्थरों से निर्मित कब्रें

D) छोटे पत्थर के औजार

उत्तर: C) बड़े पत्थरों से निर्मित कब्रें

व्याख्या: 'मेगालिथ' (महापाषाण) बड़े-बड़े पत्थरों से बनाई गई उन संरचनाओं को कहते हैं, जिनका उपयोग कब्रों या स्मारकों के रूप में किया जाता था। यह प्रथा मुख्य रूप से दक्षिण भारत में लौह युग की शुरुआत में प्रचलित थी।

50. मानव इतिहास में सबसे लंबा काल कौन सा है?

A) पुरापाषाण काल

B) मध्यपाषाण काल

C) नवपाषाण काल

D) लौह युग

उत्तर: A) पुरापाषाण काल

व्याख्या: पुरापाषाण काल लगभग 25 लाख ई.पू. से 10,000 ई.पू. तक चला। यह मानव इतिहास का 99% से अधिक हिस्सा कवर करता है, जिससे यह अब तक का सबसे लंबा काल बन जाता है।