सिंधु घाटी सभ्यता

(एक गहन और संवादात्मक यात्रा)

सिंधु घाटी सभ्यता
कालक्रम
सभ्यता के चरण

प्रारंभिक, परिपक्व और उत्तर हड़प्पा काल।

भौगोलिक विस्तार
विशाल क्षेत्र

यह सभ्यता कितनी दूर तक फैली थी?

प्रमुख स्थल
हड़प्पा

रावी नदी के तट पर, विशाल अन्नागार।

मोहनजोदड़ो

सिंधु नदी के तट पर, विशाल स्नानागार।

धोलावीरा

गुजरात में, अद्वितीय जल प्रबंधन।

लोथल

गुजरात में, विश्व का प्राचीनतम बंदरगाह।

कालीबंगा

राजस्थान में, जुते हुए खेत के साक्ष्य।

नगर योजना
ग्रिड पैटर्न

समकोण पर काटती सड़कें।

दुर्ग और निचला शहर

शहरों का दो-स्तरीय विभाजन।

जल निकासी

ढकी हुई नालियां और मेनहोल।

विशाल स्नानागार

धार्मिक अनुष्ठानों के लिए।

अर्थव्यवस्था
कृषि

गेहूँ, जौ, और विश्व में प्रथम कपास।

व्यापार

मेसोपोटामिया के साथ अंतर्राष्ट्रीय संबंध।

शिल्प

मनके बनाना, धातु कर्म, मुहर निर्माण।

बाट और माप

अत्यंत मानकीकृत प्रणाली।

कला और संस्कृति
मुहरें

स्टीएटाइट से निर्मित, जानवरों के चित्र।

मूर्तिकला

कांस्य की नर्तकी, पुरोहित-राजा।

मृदभांड

लाल और काले रंग के बर्तन।

लिपि

चित्रलिपि, जो अभी तक रहस्यमय है।

प्रौद्योगिकी और विज्ञान
धातु विज्ञान

तांबा, कांसा और सोने का उन्नत ज्ञान।

माप की सटीकता

दशमलव प्रणाली का प्रारंभिक उपयोग।

पतन के सिद्धांत
सभ्यता का अंत

इस महान सभ्यता का पतन क्यों हुआ?