जैन धर्म (Jainism) - नोट्स, MCQ | UPSC, SSC, Railway परीक्षा

जैन धर्म (Jainism)

यह सामग्री UPSC, SSC, Railway और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।


परिचय (Introduction)

जैन धर्म भारत के प्राचीनतम धर्मों में से एक है। 'जैन' शब्द संस्कृत के 'जिन' शब्द से बना है, जिसका अर्थ है 'विजेता' - वह जिसने अपनी इंद्रियों और भावनाओं पर विजय प्राप्त कर ली हो। जैन धर्म में 24 महान शिक्षकों की परंपरा है, जिन्हें तीर्थंकर कहा जाता है। तीर्थंकर वे मार्गदर्शक होते हैं जो संसार रूपी सागर से पार जाने का मार्ग बताते हैं।


प्रमुख तीर्थंकर (Prominent Tirthankaras)

  • प्रथम तीर्थंकर - ऋषभदेव (या आदिनाथ): इन्हें जैन धर्म का संस्थापक माना जाता है। इनका प्रतीक 'बैल' (वृषभ) है।
  • 23वें तीर्थंकर - पार्श्वनाथ: ये काशी के इक्ष्वाकु वंशीय राजा अश्वसेन के पुत्र थे। इन्होंने चार महाव्रत दिए- सत्य, अहिंसा, अस्तेय, और अपरिग्रह। इनका प्रतीक 'सर्प' है।
  • 24वें और अंतिम तीर्थंकर - महावीर स्वामी: इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक या सुधारक माना जाता है। इन्होंने पार्श्वनाथ के चार महाव्रतों में पाँचवाँ महाव्रत 'ब्रह्मचर्य' जोड़ा।

महावीर स्वामी (Mahavira Swami) - (540 ई.पू. - 468 ई.पू.)

  • जन्म: 540 ई.पू. में वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ।
  • बचपन का नाम: वर्धमान।
  • पिता का नाम: सिद्धार्थ (ज्ञातृक कुल के सरदार)।
  • माता का नाम: त्रिशला (लिच्छवि राजा चेटक की बहन)।
  • पत्नी का नाम: यशोदा।
  • पुत्री का नाम: अनोज्जा (प्रियदर्शना)।
  • गृह त्याग: 30 वर्ष की आयु में।
  • ज्ञान प्राप्ति (कैवल्य): 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद जृम्भिक ग्राम के समीप ऋजुपालिका नदी के तट पर एक साल वृक्ष के नीचे इन्हें 'कैवल्य' (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ।
  • निर्वाण (मृत्यु): 72 वर्ष की आयु में 468 ई.पू. में बिहार के पावापुरी (राजगीर) में निर्वाण प्राप्त हुआ।

जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत (Core Principles of Jainism)

त्रिरत्न (The Three Jewels)

मोक्ष प्राप्ति के लिए जैन धर्म में त्रिरत्न का पालन अनिवार्य बताया गया है:

  1. सम्यक् दर्शन: सत्य में विश्वास, तीर्थंकरों में श्रद्धा।
  2. सम्यक् ज्ञान: वास्तविक ज्ञान, शंकाविहीन ज्ञान।
  3. सम्यक् चरित्र (आचरण): नैतिक और सदाचारी जीवन जीना।

पंच महाव्रत (The Five Great Vows)

भिक्षुओं के लिए इन पाँच महाव्रतों का पालन करना अनिवार्य है:

  1. अहिंसा (Non-violence): किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से हानि न पहुँचाना।
  2. सत्य (Truthfulness): सदा सत्य बोलना।
  3. अस्तेय (Non-stealing): बिना अनुमति किसी की वस्तु न लेना।
  4. अपरिग्रह (Non-possession): आवश्यकता से अधिक धन या संपत्ति का संग्रह न करना।
  5. ब्रह्मचर्य (Celibacy): इंद्रियों पर संयम रखना (यह महावीर स्वामी द्वारा जोड़ा गया)।

गृहस्थों के लिए इन व्रतों को 'अणुव्रत' कहा जाता है, जिनकी कठोरता कम होती है।

अनेकान्तवाद और स्याद्वाद

  • अनेकान्तवाद: इसका अर्थ है कि सत्य के अनेक पहलू होते हैं। किसी भी वस्तु या विचार को केवल एक दृष्टिकोण से नहीं समझा जा सकता।
  • स्याद्वाद: यह ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत है। इसके अनुसार, हमारा हर निर्णय 'शायद' (स्यात्) के साथ होना चाहिए, क्योंकि हमारा ज्ञान सीमित और सापेक्ष होता है।

जैन धर्म के सम्प्रदाय (Sects of Jainism)

चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल के अंत में मगध में भीषण अकाल पड़ा। भद्रबाहु अपने अनुयायियों के साथ दक्षिण भारत (कर्नाटक) चले गए, जबकि स्थूलभद्र मगध में ही रहे। जब अकाल समाप्त हुआ और भद्रबाहु के अनुयायी वापस लौटे, तो दोनों समूहों में मतभेद उत्पन्न हो गए, जिससे जैन धर्म दो संप्रदायों में बँट गया:

  • श्वेताम्बर (Shvetambara): स्थूलभद्र के अनुयायी, जो श्वेत वस्त्र धारण करते हैं।
  • दिगम्बर (Digambara): भद्रबाहु के अनुयायी, जो पूर्णतः नग्न रहते हैं और कठोर तपस्या में विश्वास करते हैं।

जैन संगीतियाँ (Jain Councils)

  • प्रथम जैन संगीति: लगभग 300 ई.पू. में पाटलिपुत्र में हुई। इसके अध्यक्ष स्थूलभद्र थे। इसी संगीति में जैन धर्म श्वेताम्बर और दिगम्बर में विभाजित हुआ।
  • द्वितीय जैन संगीति: छठी शताब्दी (512 ई.) में वल्लभी (गुजरात) में हुई। इसके अध्यक्ष देवर्धि क्षमाश्रमण थे। इसमें जैन धर्मग्रंथों (आगम) को अंतिम रूप से संकलित और लिपिबद्ध किया गया।

जैन धर्म पर महत्वपूर्ण MCQ (59 प्रश्न)

1. 'जैन' शब्द संस्कृत के किस शब्द से बना है?

  • (A) जिन
  • (B) जन
  • (C) ज्ञान
  • (D) जग
उत्तर: (A) जिन
व्याख्या: 'जैन' शब्द 'जिन' से निकला है, जिसका अर्थ है 'विजेता'। यह उन लोगों को संदर्भित करता है जिन्होंने अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर ली है।

2. जैन परंपरा के अनुसार कुल कितने तीर्थंकर हुए हैं?

  • (A) 20
  • (B) 22
  • (C) 24
  • (D) 14
उत्तर: (C) 24
व्याख्या: जैन धर्म में 24 तीर्थंकरों की एक लंबी परंपरा है, जो समय-समय पर धर्म का मार्ग दिखाने के लिए अवतरित हुए।

3. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन थे?

  • (A) पार्श्वनाथ
  • (B) ऋषभदेव
  • (C) महावीर स्वामी
  • (D) अजितनाथ
उत्तर: (B) ऋषभदेव
व्याख्या: ऋषभदेव, जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है, जैन धर्म के संस्थापक और पहले तीर्थंकर थे।

4. महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?

  • (A) कुण्डग्राम
  • (B) पाटलिपुत्र
  • (C) मगध
  • (D) लुम्बिनी
उत्तर: (A) कुण्डग्राम
व्याख्या: महावीर स्वामी का जन्म 540 ई.पू. में वैशाली के पास कुण्डग्राम में हुआ था।

5. महावीर स्वामी के बचपन का नाम क्या था?

  • (A) सिद्धार्थ
  • (B) वर्धमान
  • (C) शुद्धोदन
  • (D) राहुल
उत्तर: (B) वर्धमान
व्याख्या: महावीर स्वामी का मूल नाम या बचपन का नाम वर्धमान था।

6. महावीर स्वामी ने किस नदी के तट पर 'कैवल्य' (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त किया?

  • (A) गंगा
  • (B) निरंजना
  • (C) ऋजुपालिका
  • (D) यमुना
उत्तर: (C) ऋजुपालिका
व्याख्या: 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद, वर्धमान ने जृम्भिक ग्राम के पास ऋजुपालिका नदी के किनारे एक साल वृक्ष के नीचे कैवल्य प्राप्त किया।

7. जैन धर्म में 'त्रिरत्न' में क्या शामिल नहीं है?

  • (A) सम्यक् दर्शन
  • (B) सम्यक् ज्ञान
  • (C) सम्यक् चरित्र
  • (D) सम्यक् तप
उत्तर: (D) सम्यक् तप
व्याख्या: जैन धर्म के त्रिरत्न हैं - सम्यक् दर्शन (सही विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान), और सम्यक् चरित्र (सही आचरण)।

8. जैन धर्म के पंच महाव्रतों में से कौन-सा महावीर स्वामी द्वारा जोड़ा गया था?

  • (A) अहिंसा
  • (B) सत्य
  • (C) अस्तेय
  • (D) ब्रह्मचर्य
उत्तर: (D) ब्रह्मचर्य
व्याख्या: पहले चार महाव्रत (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह) 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ द्वारा दिए गए थे। महावीर स्वामी ने इसमें पाँचवाँ महाव्रत 'ब्रह्मचर्य' जोड़ा।

9. 'अनेकान्तवाद' निम्नलिखित में से किसका मूल सिद्धांत एवं दर्शन है?

  • (A) बौद्ध मत
  • (B) जैन मत
  • (C) सिख मत
  • (D) वैष्णव मत
उत्तर: (B) जैन मत
व्याख्या: अनेकान्तवाद जैन दर्शन का एक आधारभूत सिद्धांत है, जिसके अनुसार सत्य बहुआयामी होता है और उसे विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है।

10. प्रथम जैन संगीति का आयोजन कहाँ हुआ था?

  • (A) पाटलिपुत्र
  • (B) वल्लभी
  • (C) वैशाली
  • (D) राजगृह
उत्तर: (A) पाटलिपुत्र
व्याख्या: पहली जैन संगीति लगभग 300 ई.पू. में पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

11. द्वितीय जैन संगीति के अध्यक्ष कौन थे?

  • (A) स्थूलभद्र
  • (B) भद्रबाहु
  • (C) देवर्धि क्षमाश्रमण
  • (D) नागार्जुन
उत्तर: (C) देवर्धि क्षमाश्रमण
व्याख्या: छठी शताब्दी में वल्लभी (गुजरात) में आयोजित दूसरी जैन संगीति की अध्यक्षता देवर्धि क्षमाश्रमण ने की थी।

12. जैन साहित्य को समग्र रूप में क्या कहा जाता है?

  • (A) त्रिपिटक
  • (B) आगम
  • (C) वेद
  • (D) जातक
उत्तर: (B) आगम
व्याख्या: जैन धर्म के पवित्र और मूल ग्रंथों को 'आगम' कहा जाता है। त्रिपिटक बौद्ध धर्म से संबंधित है।

13. श्वेताम्बर सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे?

  • (A) भद्रबाहु
  • (B) स्थूलभद्र
  • (C) महावीर स्वामी
  • (D) ऋषभदेव
उत्तर: (B) स्थूलभद्र
व्याख्या: मगध में अकाल के दौरान जो जैन भिक्षु स्थूलभद्र के नेतृत्व में मगध में ही रुक गए, वे श्वेताम्बर कहलाए।

14. महावीर स्वामी को किस स्थान पर निर्वाण प्राप्त हुआ?

  • (A) कुशीनगर
  • (B) पावापुरी
  • (C) कुण्डग्राम
  • (D) वैशाली
उत्तर: (B) पावापुरी
व्याख्या: महावीर स्वामी ने 72 वर्ष की आयु में बिहार के पावापुरी (राजगीर के निकट) में अपना शरीर त्यागा और निर्वाण प्राप्त किया।

15. जैन धर्म में 'पूर्ण ज्ञान' के लिए क्या शब्द है?

  • (A) जिन
  • (B) रत्न
  • (C) कैवल्य
  • (D) निर्वाण
उत्तर: (C) कैवल्य
व्याख्या: जैन धर्म में सर्वोच्च और पूर्ण ज्ञान की अवस्था को 'कैवल्य' कहा जाता है।

16. 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का प्रतीक चिह्न क्या था?

  • (A) बैल
  • (B) सिंह
  • (C) सर्प
  • (D) हाथी
उत्तर: (C) सर्प
व्याख्या: प्रत्येक तीर्थंकर का एक प्रतीक चिह्न होता है। पार्श्वनाथ का प्रतीक चिह्न सर्प (साँप) है।

17. 'स्याद्वाद' का सिद्धांत किससे संबंधित है?

  • (A) लोकायत
  • (B) शैव धर्म
  • (C) जैन धर्म
  • (D) वैष्णव धर्म
उत्तर: (C) जैन धर्म
व्याख्या: स्याद्वाद, या ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत, जैन दर्शन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

18. महावीर की माता कौन थीं?

  • (A) यशोदा
  • (B) अनोज्जा
  • (C) त्रिशला
  • (D) महामाया
उत्तर: (C) त्रिशला
व्याख्या: महावीर स्वामी की माता का नाम त्रिशला था, जो लिच्छवि राजा चेटक की बहन थीं।

19. दिलवाड़ा के जैन मंदिर कहाँ स्थित हैं?

  • (A) श्रवणबेलगोला
  • (B) पारसनाथ पर्वत
  • (C) इंदौर
  • (D) माउंट आबू
उत्तर: (D) माउंट आबू
व्याख्या: दिलवाड़ा के प्रसिद्ध जैन मंदिर राजस्थान के माउंट आबू में स्थित हैं, जो अपनी शानदार संगमरमर की नक्काशी के लिए जाने जाते हैं।

20. दिगम्बर सम्प्रदाय के अनुसार, स्त्रियाँ मोक्ष प्राप्त कर सकती हैं या नहीं?

  • (A) हाँ, कर सकती हैं
  • (B) नहीं, नहीं कर सकतीं
  • (C) पुरुष के रूप में जन्म लेने के बाद ही कर सकती हैं
  • (D) इस पर कोई स्पष्ट मत नहीं है
उत्तर: (C) पुरुष के रूप में जन्म लेने के बाद ही कर सकती हैं
व्याख्या: दिगम्बर परंपरा का मानना है कि मोक्ष प्राप्ति के लिए नग्नता और कठोर तपस्या आवश्यक है, जो स्त्रियों के लिए संभव नहीं है। इसलिए उन्हें मोक्ष के लिए पुरुष के रूप में पुनर्जन्म लेना होगा।

21. महावीर स्वामी ने अपना पहला उपदेश कहाँ दिया था?

  • (A) सारनाथ
  • (B) पावापुरी
  • (C) राजगृह
  • (D) वैशाली
उत्तर: (C) राजगृह
व्याख्या: ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी ने अपना पहला उपदेश राजगृह (राजगीर) में विपुलाचल पहाड़ी पर दिया था।

22. 'कल्पसूत्र' की रचना किसने की थी?

  • (A) स्थूलभद्र
  • (B) भद्रबाहु
  • (C) हेमचंद्र
  • (D) हरिभद्र
उत्तर: (B) भद्रबाहु
व्याख्या: 'कल्पसूत्र' एक महत्वपूर्ण जैन ग्रंथ है जिसमें तीर्थंकरों की जीवनियाँ हैं। इसकी रचना भद्रबाहु ने संस्कृत में की थी।

23. जैन धर्म में 'संथारा' या 'सल्लेखना' प्रथा क्या है?

  • (A) एक त्योहार
  • (B) उपवास द्वारा प्राण त्यागना
  • (C) एक प्रकार का ध्यान
  • (D) तीर्थ यात्रा
उत्तर: (B) उपवास द्वारा प्राण त्यागना
व्याख्या: सल्लेखना एक जैन प्रथा है जिसमें व्यक्ति स्वेच्छा से भोजन और जल त्यागकर मृत्यु का वरण करता है। इसे आत्म-शुद्धि का उच्चतम रूप माना जाता है।

24. किस मौर्य शासक ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में जैन धर्म अपना लिया था?

  • (A) अशोक
  • (B) बिन्दुसार
  • (C) चंद्रगुप्त मौर्य
  • (D) दशरथ
उत्तर: (C) चंद्रगुप्त मौर्य
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंत में जैन मुनि भद्रबाहु से दीक्षा ली और श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) जाकर सल्लेखना द्वारा प्राण त्याग दिए।

25. श्रवणबेलगोला में गोमतेश्वर (बाहुबली) की विशाल प्रतिमा किसने स्थापित करवाई थी?

  • (A) चंद्रगुप्त मौर्य
  • (B) अशोक
  • (C) चामुंडराय
  • (D) खारवेल
उत्तर: (C) चामुंडराय
व्याख्या: गंग वंश के मंत्री और सेनापति चामुंडराय ने 10वीं शताब्दी में कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में भगवान बाहुबली की 57 फुट ऊँची एकाश्म प्रतिमा का निर्माण करवाया था।

26. महावीर स्वामी किस कुल से संबंधित थे?

  • (A) शाक्य
  • (B) ज्ञातृक
  • (C) लिच्छवि
  • (D) मौर्य
उत्तर: (B) ज्ञातृक
व्याख्या: महावीर स्वामी के पिता सिद्धार्थ ज्ञातृक क्षत्रिय कुल के प्रधान थे।

27. जैन धर्म ईश्वर के संबंध में क्या मानता है?

  • (A) ईश्वर को सृष्टि का रचयिता मानता है
  • (B) ईश्वर के अस्तित्व को अस्वीकार करता है
  • (C) ईश्वर को 'जिन' से नीचे मानता है
  • (D) ईश्वर को सर्वोच्च सत्ता मानता है
उत्तर: (C) ईश्वर को 'जिन' से नीचे मानता है
व्याख्या: जैन धर्म सृष्टि के निर्माता के रूप में ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता है। यह मानता है कि ब्रह्मांड शाश्वत है। हालांकि, यह देवताओं के अस्तित्व को मानता है, लेकिन उन्हें तीर्थंकरों (जिन) से नीचे का स्थान देता है।

28. 'आजीवक' संप्रदाय के संस्थापक कौन थे?

  • (A) महावीर स्वामी
  • (B) महात्मा बुद्ध
  • (C) मक्खलि गोसाल
  • (D) चार्वाक
उत्तर: (C) मक्खलि गोसाल
व्याख्या: मक्खलि गोसाल प्रारंभ में महावीर के शिष्य थे, लेकिन बाद में मतभेद होने पर उन्होंने 'आजीवक' नामक एक नियतिवादी संप्रदाय की स्थापना की।

29. जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत क्या है?

  • (A) कर्म
  • (B) निष्ठा
  • (C) अहिंसा
  • (D) वैराग्य
उत्तर: (C) अहिंसा
व्याख्या: 'अहिंसा परमो धर्म:' जैन धर्म का आधारभूत सिद्धांत है। यह मन, वचन और कर्म से किसी भी जीव को कष्ट न पहुँचाने पर अत्यधिक बल देता है।

30. किस शासक ने उदयगिरि और खंडगिरि की गुफाओं में जैन साधुओं के लिए गुफाओं का निर्माण करवाया था?

  • (A) अशोक
  • (B) खारवेल
  • (C) कनिष्क
  • (D) समुद्रगुप्त
उत्तर: (B) खारवेल
व्याख्या: कलिंग के चेदि वंश के राजा खारवेल जैन धर्म के एक महान संरक्षक थे। उन्होंने भुवनेश्वर के पास उदयगिरि और खंडगिरि की पहाड़ियों में जैन भिक्षुओं के लिए कई गुफाएँ बनवाईं।

31. महावीर स्वामी की मृत्यु के बाद जैन संघ का अगला अध्यक्ष कौन हुआ?

  • (A) भद्रबाहु
  • (B) स्थूलभद्र
  • (C) सुधर्मन
  • (D) जम्बूस्वामी
उत्तर: (C) सुधर्मन
व्याख्या: महावीर के 11 प्रमुख शिष्य थे जिन्हें 'गणधर' कहा जाता था। महावीर के निर्वाण के समय केवल सुधर्मन ही जीवित बचे थे, जो संघ के पहले अध्यक्ष बने।

32. 'अणुव्रत' शब्द किस धर्म से जुड़ा है?

  • (A) बौद्ध धर्म
  • (B) जैन धर्म
  • (C) लोकायत मत
  • (D) हिंदू धर्म
उत्तर: (B) जैन धर्म
व्याख्या: जैन धर्म में गृहस्थ अनुयायियों द्वारा पालन किए जाने वाले पाँच व्रतों (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य) को 'अणुव्रत' कहा जाता है। इनकी कठोरता भिक्षुओं के 'महाव्रत' से कम होती है।

33. महावीर की पत्नी का नाम क्या था?

  • (A) त्रिशला
  • (B) गोपा
  • (C) यशोदा
  • (D) यशोधरा
उत्तर: (C) यशोदा
व्याख्या: महावीर स्वामी की पत्नी का नाम यशोदा था। यशोधरा महात्मा बुद्ध की पत्नी का नाम था।

34. जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ निम्नलिखित स्थानों में से मुख्यतः किससे संबंधित थे?

  • (A) वाराणसी
  • (B) कौशाम्बी
  • (C) गिरिव्रज
  • (D) चम्पा
उत्तर: (A) वाराणसी
व्याख्या: 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म वाराणसी (काशी) में राजा अश्वसेन के यहाँ हुआ था।

35. 'समाधिमरण' किस दर्शन से संबंधित है?

  • (A) बौद्ध दर्शन
  • (B) जैन दर्शन
  • (C) योग दर्शन
  • (D) लोकायत दर्शन
उत्तर: (B) जैन दर्शन
व्याख्या: 'समाधिमरण' या 'सल्लेखना' जैन दर्शन से संबंधित प्रथा है, जिसमें उपवास द्वारा प्राण त्यागे जाते हैं।

36. प्रथम जैन संगीति में जैन धर्म किन दो संप्रदायों में विभाजित हो गया?

  • (A) हीनयान और महायान
  • (B) आजीवक और नियतिवादी
  • (C) श्वेताम्बर और दिगम्बर
  • (D) कापालिक और कालामुख
उत्तर: (C) श्वेताम्बर और दिगम्बर
व्याख्या: पाटलिपुत्र में आयोजित पहली जैन परिषद के दौरान, भद्रबाहु और स्थूलभद्र के अनुयायियों के बीच मतभेदों के कारण जैन धर्म श्वेताम्बर और दिगम्बर संप्रदायों में विभाजित हो गया।

37. महावीर स्वामी के प्रथम शिष्य कौन थे?

  • (A) मक्खलि गोसाल
  • (B) जमालि
  • (C) सुधर्मन
  • (D) इंद्रभूति गौतम
उत्तर: (B) जमालि
व्याख्या: महावीर स्वामी के दामाद (उनकी पुत्री प्रियदर्शना के पति) जमालि उनके पहले शिष्य बने। हालांकि, बाद में उन्होंने संघ छोड़ दिया।

38. जैन धर्म में कर्म परमाणुओं से आत्मा को मुक्त करने को क्या कहा जाता है?

  • (A) संवर
  • (B) निर्जरा
  • (C) आस्रव
  • (D) बंध
उत्तर: (B) निर्जरा
व्याख्या: जैन दर्शन के अनुसार, आत्मा में पहले से मौजूद कर्मों को तपस्या द्वारा नष्ट करना 'निर्जरा' कहलाता है। 'संवर' नए कर्मों के प्रवाह को रोकना है।

39. प्रसिद्ध जैन शिक्षक हेमचंद्र किस राजा के दरबार में थे?

  • (A) अमोघवर्ष
  • (B) कुमारपाल
  • (C) जयसिंह सिद्धराज
  • (D) (B) और (C) दोनों
उत्तर: (D) (B) और (C) दोनों
व्याख्या: आचार्य हेमचंद्र एक महान जैन विद्वान थे, जो गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) शासकों जयसिंह सिद्धराज और उनके उत्तराधिकारी कुमारपाल दोनों के सलाहकार थे।

40. जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर कौन थे?

  • (A) ऋषभदेव
  • (B) पार्श्वनाथ
  • (C) अरिष्टनेमि
  • (D) मल्लिनाथ
उत्तर: (C) अरिष्टनेमि
व्याख्या: अरिष्टनेमि जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर थे। ऋग्वेद में ऋषभदेव और अरिष्टनेमि, इन दो तीर्थंकरों का उल्लेख मिलता है।

41. कौन से तीर्थंकर को श्वेताम्बर परंपरा में स्त्री माना जाता है?

  • (A) शांतिनाथ
  • (B) मल्लिनाथ
  • (C) नेमिनाथ
  • (D) वासुपूज्य
उत्तर: (B) मल्लिनाथ
व्याख्या: 19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ को लेकर श्वेताम्बर और दिगम्बर संप्रदायों में मतभेद है। श्वेताम्बर उन्हें स्त्री (मल्ली कुमारी) मानते हैं, जबकि दिगम्बर उन्हें पुरुष मानते हैं।

42. 'आचारांग सूत्र' किस धर्म से संबंधित है?

  • (A) बौद्ध धर्म
  • (B) जैन धर्म
  • (C) सिख धर्म
  • (D) इस्लाम
उत्तर: (B) जैन धर्म
व्याख्या: 'आचारांग सूत्र' जैन आगम साहित्य का हिस्सा है। इसमें जैन भिक्षुओं के लिए आचार-नियमों का वर्णन है।

43. जैन धर्म के अनुसार, जगत का निर्माण और पालन-पोषण...

  • (A) सार्वभौमिक विधान से हुआ है
  • (B) सार्वभौमिक सत्य से हुआ है
  • (C) सार्वभौमिक आस्था से हुआ है
  • (D) सार्वभौमिक आत्मा से हुआ है
उत्तर: (A) सार्वभौमिक विधान से हुआ है
व्याख्या: जैन दर्शन के अनुसार, यह ब्रह्मांड किसी ईश्वर द्वारा नहीं बनाया गया है, बल्कि यह शाश्वत है और सार्वभौमिक प्राकृतिक नियमों (Universal Laws) द्वारा संचालित होता है।

44. मथुरा कला शैली का संबंध मुख्य रूप से किस धर्म से था?

  • (A) बौद्ध धर्म
  • (B) जैन धर्म
  • (C) वैष्णव धर्म
  • (D) इन सभी से
उत्तर: (D) इन सभी से
व्याख्या: कुषाण काल में विकसित मथुरा कला शैली में बौद्ध, जैन और हिंदू (वैष्णव, शैव) तीनों धर्मों से संबंधित मूर्तियों का निर्माण बड़े पैमाने पर हुआ।

45. महावीर स्वामी ने किस भाषा में उपदेश दिया?

  • (A) संस्कृत
  • (B) पालि
  • (C) प्राकृत (अर्धमागधी)
  • (D) अपभ्रंश
उत्तर: (C) प्राकृत (अर्धमागधी)
व्याख्या: महावीर स्वामी ने आम लोगों की भाषा प्राकृत (विशेष रूप से अर्धमागधी) में अपने उपदेश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें समझ सकें।

46. 'यापनीय' किस धर्म का एक संप्रदाय था?

  • (A) बौद्ध धर्म
  • (B) जैन धर्म
  • (C) शैव धर्म
  • (D) वैष्णव धर्म
उत्तर: (B) जैन धर्म
व्याख्या: यापनीय जैन धर्म का एक विलुप्त संप्रदाय था जो श्वेताम्बर और दिगम्बर दोनों की कुछ मान्यताओं को मिलाता था।

47. 'पुद्गल' शब्द का जैन दर्शन में क्या अर्थ है?

  • (A) आत्मा
  • (B) पदार्थ या द्रव्य
  • (C) कर्म
  • (D) मोक्ष
उत्तर: (B) पदार्थ या द्रव्य
व्याख्या: जैन तत्वमीमांसा में, 'पुद्गल' का अर्थ है पदार्थ या भौतिक द्रव्य। यह उन छह द्रव्यों में से एक है जिनसे ब्रह्मांड बना है।

48. जैन धर्म में 'आस्रव' का क्या तात्पर्य है?

  • (A) कर्म का नाश
  • (B) कर्म का आत्मा की ओर प्रवाह
  • (C) कर्म का रुक जाना
  • (D) आत्मा से कर्म का अलग होना
उत्तर: (B) कर्म का आत्मा की ओर प्रवाह
व्याख्या: आस्रव वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कर्म के कण आत्मा की ओर आकर्षित होते हैं और उससे बंधने की प्रक्रिया शुरू होती है।

49. महावीर स्वामी के पिता सिद्धार्थ किस गणराज्य के प्रमुख थे?

  • (A) लिच्छवि
  • (B) शाक्य
  • (C) वज्जि संघ
  • (D) मल्ल
उत्तर: (C) वज्जि संघ
व्याख्या: कुण्डग्राम जहाँ के सिद्धार्थ प्रधान थे, वह वज्जि महाजनपद के एक सदस्य गणराज्य ज्ञातृक कुल का हिस्सा था।

50. 'महामस्तकाभिषेक' उत्सव किससे संबंधित है?

  • (A) महावीर
  • (B) बुद्ध
  • (C) बाहुबली
  • (D) नटराज
उत्तर: (C) बाहुबली
व्याख्या: महामस्तकाभिषेक एक विशाल जैन उत्सव है जो प्रत्येक 12 वर्ष में एक बार श्रवणबेलगोला में भगवान बाहुबली (गोमतेश्वर) की प्रतिमा पर आयोजित होता है।

51. जैन धर्म के अनुसार, कर्म के बंधन का कारण क्या है?

  • (A) केवल अज्ञान
  • (B) केवल कषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ)
  • (C) अज्ञान और कषाय दोनों
  • (D) नियति
उत्तर: (C) अज्ञान और कषाय दोनों
व्याख्या: जैन दर्शन मानता है कि अज्ञान (मिथ्यात्व) और कषाय (नकारात्मक भावनाएं) ही कर्मों को आत्मा से बांधने का मुख्य कारण हैं।

52. 'भगवती सूत्र' में किसकी जानकारी मिलती है?

  • (A) महावीर के जीवन की
  • (B) सोलह महाजनपदों की
  • (C) जैन सिद्धांतों की
  • (D) ये सभी
उत्तर: (D) ये सभी
व्याख्या: 'भगवती सूत्र' एक महत्वपूर्ण जैन आगम ग्रंथ है जिसमें महावीर के जीवन, उनके उपदेशों और उस समय के सोलह महाजनपदों का भी उल्लेख मिलता है।

53. जैन धर्म में 'तीर्थंकर' का क्या अर्थ है?

  • (A) जो मोक्ष प्राप्त कर चुका हो
  • (B) जो संसार सागर से पार जाने का मार्ग बताए
  • (C) जो सभी कर्मों से मुक्त हो
  • (D) जो संघ का प्रमुख हो
उत्तर: (B) जो संसार सागर से पार जाने का मार्ग बताए
व्याख्या: 'तीर्थ' का अर्थ है वह स्थान या साधन जिससे संसार रूपी सागर को पार किया जा सके, और 'कर' का अर्थ है बनाने वाला। इस प्रकार तीर्थंकर मार्गदर्शक होते हैं।

54. महावीर ने अपने शिष्यों को कितने 'गणों' में विभाजित किया था?

  • (A) 9
  • (B) 10
  • (C) 11
  • (D) 12
उत्तर: (C) 11
व्याख्या: महावीर ने अपने संघ को 11 गणों में संगठित किया था, और प्रत्येक गण का प्रमुख एक 'गणधर' होता था।

55. जैन धर्म के प्रसार में किस भाषा का महत्वपूर्ण योगदान रहा?

  • (A) संस्कृत
  • (B) पालि
  • (C) प्राकृत
  • (D) हिंदी
उत्तर: (C) प्राकृत
व्याख्या: प्रारंभिक जैन साहित्य और उपदेश प्राकृत भाषा में थे, जिससे यह आम जनता के बीच आसानी से फैल सका। बाद में संस्कृत और अपभ्रंश का भी प्रयोग हुआ।

56. 'परिशिष्टपर्वन' जो कि जैन धर्म से संबंधित रचना है, के रचयिता हैं-

  • (A) भद्रबाहु
  • (B) स्थूलभद्र
  • (C) हेमचंद्र
  • (D) स्वयंभू
उत्तर: (C) हेमचंद्र
व्याख्या: 'परिशिष्टपर्वन' की रचना 12वीं शताब्दी के महान जैन विद्वान आचार्य हेमचंद्र ने की थी। इसमें प्रारंभिक जैन आचार्यों की जीवनियाँ हैं।

57. ऋषभदेव का उल्लेख किस वेद में मिलता है?

  • (A) यजुर्वेद
  • (B) अथर्ववेद
  • (C) सामवेद
  • (D) ऋग्वेद
उत्तर: (D) ऋग्वेद
व्याख्या: ऋग्वेद में दो जैन तीर्थंकरों, ऋषभदेव (प्रथम) और अरिष्टनेमि (22वें), का उल्लेख मिलता है, जो जैन धर्म की प्राचीनता को दर्शाता है।

58. जैन धर्म और बौद्ध धर्म दोनों ही विश्वास करते हैं कि -

  • (A) कर्म तथा पुनर्जन्म के सिद्धांत सही हैं
  • (B) मृत्यु के पश्चात् ही मोक्ष संभव है
  • (C) स्त्री तथा पुरुष दोनों ही मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं
  • (D) जीवन में मध्यम मार्ग सर्वश्रेष्ठ है
उत्तर: (A) कर्म तथा पुनर्जन्म के सिद्धांत सही हैं
व्याख्या: दोनों धर्म कर्म के सिद्धांत (जैसा करोगे वैसा भरोगे) और पुनर्जन्म के चक्र में विश्वास रखते हैं। मोक्ष की अवधारणा और माध्यम मार्ग पर उनके विचार भिन्न हैं।

59. महावीर के अनुयायियों को मूलतः क्या कहा जाता था?

  • (A) अर्हत
  • (B) जिन
  • (C) निर्ग्रन्थ
  • (D) केवली
उत्तर: (C) निर्ग्रन्थ
व्याख्या: महावीर स्वामी के अनुयायियों को प्रारंभ में 'निर्ग्रन्थ' (बंधन रहित) कहा जाता था। बाद में 'जैन' शब्द प्रचलित हुआ।