Tag: 42nd and 44th amendment of indian constitution

  • भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन :- (Indian Constitution amendment)

    भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन :- (Indian Constitution amendment)

    भारतीय संविधान संशोधनIndian Constitution amendment

    भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन

    Indian Constitution amendment interactive notes

    If any error/query regarding this content click report button

    Report
      12345 Views
    (4028 ratings)

    Comprehensive information of Indian Constitution amendment.

    परिचय
    विशेष संशोधन
    प्रश्नोत्तरी
    समयरेखा

    संविधान संशोधनों का गहन परिचय

    भारतीय संविधान, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, एक जीवंत दस्तावेज़ है। यह देश की बदलती सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुकूल होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया इसे समय के साथ प्रासंगिक बनाए रखती है।

    संशोधन प्रक्रिया (अनुच्छेद 368)

    संविधान में संशोधन की शक्ति भारतीय संसद को दी गई है, लेकिन यह शक्ति असीमित नहीं है। ‘केशवानंद भारती’ मामले (1973) में, सर्वोच्च न्यायालय ने ‘मूल ढांचे’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार संसद संविधान के मूल ढांचे (जैसे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद, शक्तियों का पृथक्करण आदि) में परिवर्तन नहीं कर सकती।

    संशोधन तीन तरीकों से किए जा सकते हैं:

    • 1. साधारण बहुमत द्वारा:

      यह सबसे सरल प्रक्रिया है, जिसमें संसद के दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों में से 50% से अधिक का समर्थन आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया अनुच्छेद 368 के दायरे से बाहर है।

      उदाहरण: नए राज्यों का निर्माण (अनुच्छेद 2, 3), नागरिकता से संबंधित प्रावधान (अनुच्छेद 11), राज्यों में विधान परिषदों का निर्माण या उन्मूलन (अनुच्छेद 169)。

      संसद (उपस्थित और मतदान करने वाले) > 50% मतदान
    • 2. विशेष बहुमत द्वारा:

      संविधान के अधिकांश प्रावधानों में संशोधन के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए दो शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है:

      क) प्रत्येक सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत (अर्थात 50% से अधिक)。

      ख) प्रत्येक सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत。

      उदाहरण: मौलिक अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व。

      शर्त 1: कुल सदस्य संख्या का बहुमत >50% शर्त 2: उपस्थित और मतदान का 2/3 बहुमत ≥66.6%
    • 3. विशेष बहुमत और राज्यों का अनुसमर्थन:

      जो प्रावधान संघीय ढांचे से संबंधित हैं, उनमें संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों (वर्तमान में 14 राज्य) की विधानसभाओं द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (approval) की भी आवश्यकता होती है。

      उदाहरण: राष्ट्रपति का चुनाव (अनुच्छेद 54, 55), संघ और राज्यों की कार्यकारी शक्ति का विस्तार, सातवीं अनुसूची की कोई भी सूची, स्वयं अनुच्छेद 368。

      संसद (विशेष बहुमत) ≥ 1/2 राज्यों का अनुसमर्थन

    महत्वपूर्ण संविधान संशोधन

    पहला (1951)
    • सामाजिक न्याय और भूमि सुधारों को संरक्षण।
    • 9वीं अनुसूची जोड़ी गई।
    42वाँ (1976)
    • ‘लघु-संविधान’ कहा जाता है।
    • प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’, ‘अखंडता’ शब्द जोड़े।
    • मौलिक कर्तव्य जोड़े।
    44वाँ (1978)
    • संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार से हटा।
    • आपातकाल के प्रावधानों को कठोर बनाया।
    52वाँ (1985)
    • दल-बदल विरोधी कानून।
    • 10वीं अनुसूची जोड़ी गई।
    61वाँ (1989)
    • मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई।
    73वाँ/74वाँ (1992)
    • पंचायती राज और नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा।
    • लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण।
    86वाँ (2002)
    • 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार बना (अनुच्छेद 21-A)。
    101वाँ (2016)
    • वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया।
    106वाँ (2023)
    • ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’।
    • लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण।

    संविधान संशोधन प्रश्नोत्तरी

    अपने ज्ञान का परीक्षण करें! इस प्रश्नोत्तरी में 50 प्रश्न हैं।

    संशोधनों की ऐतिहासिक समयरेखा

    1951

    पहला संशोधन

    भूमि सुधार, 9वीं अनुसूची。

    1956

    7वाँ संशोधन

    राज्यों का भाषाई पुनर्गठन。

    1976

    42वाँ संशोधन

    “लघु-संविधान”, मौलिक कर्तव्य जोड़े。

    1978

    44वाँ संशोधन

    संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकारों से हटाया。

    1985

    52वाँ संशोधन

    दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची)。

    1989

    61वाँ संशोधन

    मतदान की आयु 21 से 18 वर्ष की गई。

    1992

    73वाँ/74वाँ संशोधन

    पंचायती राज और नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा。

    2002

    86वाँ संशोधन

    शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21-A)。

    2016

    101वाँ संशोधन

    वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू。

    2019

    103वाँ संशोधन

    आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण。

    2023

    106वाँ संशोधन

    महिला आरक्षण विधेयक (‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’)。

    Leave a Comment

    © 2025 भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन

    यह वेबसाइट केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है。