कलिंग युद्ध (battle of kaling in hindi)

battle of kaling

अशोक, चंद्रगुप्त मौर्य एवं बन्दुिसार की तरह ही मौर्य राजवंश का एक महान शासक हुआ जसिने साम्राज्य को इसकी पराकाष्ठा पर पहुँचाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दयिा। कलिंग युद्ध (kalinga war year in Hindi) के कारण हुए भारी रक्तपात से राजा अशोक बहुत आहत हुए और उन्होंने स्वयं को बौद्ध धर्म में परिवर्तित कर लिया।

  • राजगद्दी पर बैठने के पश्चात् अशोक द्वारा केवल एक युद्ध किया गया जो कलिंग युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है।
  • अपने राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पू.) में अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया और जीत लिया।
  • उसके अपने कथन के अनुसार इस युद्ध में 1,00,000 लोग मारे गए और 1,50,000 बंदी बनाए गए। इस युद्ध में अत्यधिक संख्या में हुए नर-संहार से अशोक का हृदय परिवर्तन हो गया।
  • कलिंग युद्ध एवं उसके परिणामों के विषय में अशोक के 13वें अभिलेख से विस्तृत सूचना प्राप्त होती है।
  • उसने दूसरे राज्यों पर भौतिक विजय पाने की नीति छोड़ कर सांस्कृतिक विजय पाने की नीति अपनाई। दूसरे शब्दों में, भेरी-घोष के बदले धम्म घोष की घोषणा की।
  • अशोक ने पश्चिम एशिया और यूनानी राज्यों में अपने शान्तिदूत भेजे तथा श्रीलंका और मध्य एशिया में बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने धर्मप्रचारक भेजे।
  • अशोक ने अपनी विजय के पश्चात् कलिंग को अपने अधिकार में रखा और अपने साम्राज्य में मिला लिया।
  • अपने साम्राज्य के भीतर उसने एक तरह के अधिकारियों की नियुक्ति की, जो रज्जुक कहलाते थे। इन्हें प्रजा को केवल पुरस्कार ही नहीं, बल्कि दंड देने का भी अधिकार प्रदान किया गया था।

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