वैदिक सभ्यता
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वैदिक सभ्यता: एक संक्षिप्त परिचय
वैदिक सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सभ्यता है जिसका नाम वेदों के नाम पर रखा गया है। यह सभ्यता मुख्यतः दो कालों में विभाजित है: ऋग्वैदिक काल (1500 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व) और उत्तर वैदिक काल (1000 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व)।
महत्वपूर्ण तथ्य: वैदिक सभ्यता का प्रमुख स्रोत वैदिक साहित्य है जिसमें चार वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक, उपनिषद और वेदांग शामिल हैं।
ऋग्वैदिक काल (1500-1000 ईसा पूर्व)
- भौगोलिक क्षेत्र: सप्तसिंधु प्रदेश (सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का क्षेत्र)
- राजनीतिक व्यवस्था: जन शब्द का प्रयोग कबीले के लिए होता था। राजा को ‘गोप’ या ‘गोपति’ कहा जाता था। सभा और समिति दो प्रमुख संस्थाएँ थीं
- सामाजिक व्यवस्था: समाज कबीलाई और पितृसत्तात्मक था। स्त्रियों को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था। वर्ण व्यवस्था का आधार व्यवसाय था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)
- आर्थिक जीवन: मुख्य व्यवसाय पशुपालन और कृषि था। गाय को मुख्य संपत्ति माना जाता था
- धार्मिक जीवन: प्रकृति की शक्तियों की पूजा की जाती थी। इंद्र, अग्नि, वरुण, सोम आदि देवता प्रमुख थे। यज्ञों का महत्व था
उत्तर वैदिक काल (1000-600 ईसा पूर्व)
- भौगोलिक क्षेत्र: गंगा-यमुना के दोआब क्षेत्र में विस्तार
- राजनीतिक व्यवस्था: राजतंत्र प्रबल हुआ। राजा की शक्ति में वृद्धि हुई। सभा और समिति का महत्व कम हो गया
- सामाजिक व्यवस्था: वर्ण व्यवस्था कठोर हो गई। जाति व्यवस्था का उदय। स्त्रियों की स्थिति में गिरावट आई
- आर्थिक जीवन: कृषि प्रमुख व्यवसाय बना। लोहे के प्रयोग से कृषि में वृद्धि हुई। व्यापार और वाणिज्य का विकास
- धार्मिक जीवन: प्रजापति और विष्णु जैसे देवताओं का उदय। यज्ञों का बढ़ता महत्व और जटिलता। दर्शन और चिंतन का विकास (उपनिषद)
वैदिक साहित्य
- वेद: चार वेद – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद
- ब्राह्मण ग्रंथ: वैदिक मंत्रों की व्याख्या करने वाले ग्रंथ
- आरण्यक: वन में रहने वाले ऋषियों के लिए लिखे गए ग्रंथ
- उपनिषद: दार्शनिक विचारों का संग्रह (लगभग 108 उपनिषद)
- वेदांग: वेदों के अंग (शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद, ज्योतिष)
वैदिक सभ्यता पर 50 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
यूपीएससी, एसएससी, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह
1. ‘वेद’ शब्द का अर्थ क्या है?
a) बुद्धिमत्ता
b) शक्ति
c) ज्ञान
d) पवित्रता
उत्तर: c) ज्ञान
व्याख्या: ‘वेद’ शब्द संस्कृत की ‘विद्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ ‘जानना’ या ‘ज्ञान’ होता है। इसलिए वेदों को ज्ञान का भंडार माना जाता है।
2. ऋग्वैदिक काल की सबसे महत्वपूर्ण नदी कौन सी थी?
a) गंगा
b) यमुना
c) सरस्वती
d) सिंधु
उत्तर: d) सिंधु
व्याख्या: ऋग्वेद में सिंधु नदी का उल्लेख सबसे अधिक बार हुआ है, जो उस काल में आर्थिक और भौगोलिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण नदी थी। सरस्वती को सबसे पवित्र नदी माना गया है।
3. ऋग्वेद में कुल कितने मंडल हैं?
a) 8
b) 10
c) 12
d) 14
उत्तर: b) 10
व्याख्या: ऋग्वेद में कुल 10 मंडल हैं, जिनमें 1028 सूक्त और लगभग 10,600 मंत्र हैं। मंडल 2 से 7 सबसे पुराने माने जाते हैं।
4. निम्नलिखित में से कौन सा वेद ‘संगीत का वेद’ कहलाता है?
a) ऋग्वेद
b) यजुर्वेद
c) सामवेद
d) अथर्ववेद
उत्तर: c) सामवेद
व्याख्या: सामवेद को भारतीय संगीत का जनक माना जाता है। इसमें यज्ञों के अवसर पर गाए जाने वाले मंत्रों का संग्रह है, जिन्हें संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया गया है।
5. प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ किस वेद से लिया गया है?
a) ऋग्वेद
b) सामवेद
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
उत्तर: a) ऋग्वेद
व्याख्या: गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल में उल्लिखित है। यह मंत्र सूर्य देवता (सवितृ) को समर्पित है और इसकी रचना विश्वामित्र ने की थी।
6. ‘सत्यमेव जयते’ शब्द किस उपनिषद से लिया गया है?
a) कठोपनिषद
b) छांदोग्य उपनिषद
c) मुण्डक उपनिषद
d) केनोपनिषद
उत्तर: c) मुण्डक उपनिषद
व्याख्या: ‘सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही विजय होती है) भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है, जिसे मुण्डक उपनिषद से लिया गया है।
7. ऋग्वैदिक काल में ‘पुरंदर’ शब्द किस देवता के लिए प्रयोग किया जाता था?
a) अग्नि
b) इंद्र
c) वरुण
d) सोम
उत्तर: b) इंद्र
व्याख्या: इंद्र ऋग्वैदिक काल के सबसे प्रमुख देवता थे। उन्हें ‘पुरंदर’ भी कहा जाता था, जिसका अर्थ है ‘किलों को तोड़ने वाला’।
8. वैदिक काल में ‘सभा’ और ‘समिति’ क्या थीं?
a) दो देवियाँ
b) दो जनजातियाँ
c) दो राजनीतिक सभाएँ
d) दो यज्ञ
उत्तर: c) दो राजनीतिक सभाएँ
व्याख्या: सभा और समिति ऋग्वैदिक काल की दो महत्वपूर्ण राजनीतिक संस्थाएँ थीं जो राजा की शक्तियों पर नियंत्रण रखती थीं। सभा श्रेष्ठ लोगों की संस्था थी, जबकि समिति आम लोगों का प्रतिनिधित्व करती थी।
9. वर्ण व्यवस्था का प्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है?
a) ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में
b) यजुर्वेद में
c) सामवेद में
d) मनुस्मृति में
उत्तर: a) ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में
व्याख्या: वर्ण व्यवस्था का सबसे पहला उल्लेख ऋग्वेद के दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में मिलता है, जहाँ विराट पुरुष के विभिन्न अंगों से चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) की उत्पत्ति का वर्णन है।
10. उत्तर वैदिक काल में किस धातु का व्यापक रूप से उपयोग होने लगा था?
a) तांबा
b) कांसा
c) सोना
d) लोहा
उत्तर: d) लोहा
व्याख्या: उत्तर वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व) में लोहे का ज्ञान और उपयोग व्यापक हो गया। इसे ‘कृष्ण अयस’ या ‘श्याम अयस’ कहा जाता था, जिसके कारण कृषि और युद्ध उपकरणों में क्रांति आई।
11. ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?
a) सिंधु
b) सरस्वती
c) परुष्णी (रावी)
d) वितस्ता (झेलम)
उत्तर: c) परुष्णी (रावी)
व्याख्या: दशराज्ञ युद्ध का वर्णन ऋग्वेद के सातवें मंडल में है। यह युद्ध भरत वंश के राजा सुदास और दस अन्य राजाओं के संघ के बीच परुष्णी (आधुनिक रावी) नदी के तट पर हुआ था, जिसमें सुदास की विजय हुई।
12. वैदिक गणित का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ कौन सा है?
a) शतपथ ब्राह्मण
b) अथर्ववेद
c) शुल्व सूत्र
d) छांदोग्य उपनिषद
उत्तर: c) शुल्व सूत्र
व्याख्या: शुल्व सूत्र में यज्ञ की वेदियों के निर्माण से संबंधित ज्यामितीय ज्ञान का विस्तृत वर्णन है, जो वैदिक गणित और ज्यामिति का आधार माना जाता है।
13. ‘अष्टाध्यायी’ के लेखक कौन हैं?
a) वेदव्यास
b) पाणिनि
c) पतंजलि
d) यास्क
उत्तर: b) पाणिनि
व्याख्या: पाणिनि ने ‘अष्टाध्यायी’ नामक संस्कृत व्याकरण का प्रसिद्ध ग्रंथ लिखा। यह वेदांग (व्याकरण) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे वैदिक काल के बाद की रचना माना जाता है, लेकिन यह वैदिक संस्कृत को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
14. ऋग्वैदिक आर्यों का मुख्य व्यवसाय क्या था?
a) कृषि
b) पशुपालन
c) व्यापार
d) शिकार
उत्तर: b) पशुपालन
व्याख्या: ऋग्वैदिक काल में आर्यों का जीवन मुख्यतः पशुचारण पर आधारित था। गाय को संपत्ति का मुख्य स्रोत माना जाता था। कृषि का महत्व गौण था।
15. उपनिषदों को और किस नाम से जाना जाता है?
a) वेदांग
b) श्रुति
c) स्मृति
d) वेदांत
उत्तर: d) वेदांत
व्याख्या: उपनिषद वैदिक साहित्य के अंतिम भाग हैं, इसलिए उन्हें ‘वेदांत’ (वेद का अंत) भी कहा जाता है। ये मुख्यतः दार्शनिक और आध्यात्मिक विषयों पर केंद्रित हैं।
16. ‘गोत्र’ व्यवस्था का प्रचलन कब हुआ?
a) ऋग्वैदिक काल में
b) उत्तर वैदिक काल में
c) मौर्य काल में
d) गुप्त काल में
उत्तर: b) उत्तर वैदिक काल में
व्याख्या: ‘गोत्र’ शब्द का अर्थ है ‘वह स्थान जहाँ पूरे कुल के गोधन को एक साथ रखा जाता था’। यह व्यवस्था उत्तर वैदिक काल में एक ही पूर्वज से वंश परंपरा को दर्शाने के लिए स्थापित हुई।
17. यम और नचिकेता के बीच प्रसिद्ध संवाद किस उपनिषद में है?
a) बृहदारण्यक उपनिषद
b) छांदोग्य उपनिषद
c) कठोपनिषद
d) मुण्डक उपनिषद
उत्तर: c) कठोपनिषद
व्याख्या: कठोपनिषद में मृत्यु के देवता यम और बालक नचिकेता के बीच आत्मा, मृत्यु और मोक्ष के रहस्य पर एक गहन दार्शनिक संवाद का वर्णन है।
18. ऋग्वेद में ‘अघन्य’ (न मारने योग्य) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
a) ब्राह्मण
b) गाय
c) स्त्री
d) राजा
उत्तर: b) गाय
व्याख्या: ऋग्वैदिक काल में गाय को अत्यंत पवित्र और आर्थिक रूप से मूल्यवान माना जाता था। इसलिए उसे ‘अघन्य’ कहा गया है, जिसका अर्थ है कि उसे मारा नहीं जाना चाहिए।
19. कौन सा वेद गद्य और पद्य दोनों में लिखा गया है?
a) ऋग्वेद
b) सामवेद
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
उत्तर: c) यजुर्वेद
व्याख्या: यजुर्वेद में यज्ञ संबंधी अनुष्ठानों और विधियों का वर्णन है। इसकी रचना गद्य (यजुष) और पद्य (मंत्र) दोनों शैलियों में की गई है।
20. उत्तर वैदिक काल के सबसे प्रमुख देवता कौन थे?
a) इंद्र और अग्नि
b) प्रजापति
c) विष्णु
d) रुद्र
उत्तर: b) प्रजापति
व्याख्या: उत्तर वैदिक काल में ऋग्वैदिक देवताओं जैसे इंद्र और अग्नि का महत्व कम हो गया और सृजन के देवता प्रजापति (ब्रह्मा) को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ।
21. वैदिक काल में ‘निष्क’ शब्द का प्रयोग किसके लिए होता था?
a) कृषि उपकरण
b) एक प्रकार का कर
c) स्वर्ण आभूषण या सिक्का
d) एक लिपि
उत्तर: c) स्वर्ण आभूषण या सिक्का
व्याख्या: प्रारंभ में ‘निष्क’ गले में पहने जाने वाले एक स्वर्ण आभूषण था, लेकिन बाद में इसका प्रयोग विनिमय के माध्यम के रूप में सिक्के के लिए भी होने लगा।
22. ‘आयुर्वेद’, अर्थात जीवन का विज्ञान, का उल्लेख सबसे पहले किस वेद में मिलता है?
a) ऋग्वेद
b) सामवेद
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
उत्तर: d) अथर्ववेद
व्याख्या: अथर्ववेद में जादू-टोना, मंत्रों के साथ-साथ विभिन्न रोगों के निवारण और औषधियों का भी विस्तृत वर्णन है, जिसे आयुर्वेद का प्रारंभिक स्रोत माना जाता है।
23. वैदिक समाज में कितने प्रकार के विवाह प्रचलित थे?
a) 4
b) 6
c) 8
d) 10
उत्तर: c) 8
व्याख्या: धर्मसूत्रों में आठ प्रकार के विवाहों का उल्लेख है: ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्रजापत्य (प्रशंसित विवाह) और असुर, गांधर्व, राक्षस, पैशाच (निंदित विवाह)।
24. ‘योग’ दर्शन के प्रतिपादक कौन थे?
a) गौतम
b) कपिल
c) जैमिनी
d) पतंजलि
उत्तर: d) पतंजलि
व्याख्या: पतंजलि ने योग सूत्रों की रचना की और योग दर्शन को व्यवस्थित रूप दिया, जो षड्दर्शन (छह भारतीय दर्शन) में से एक है।
25. ऋग्वेद की मूल लिपि क्या थी?
a) देवनागरी
b) पालि
c) ब्राह्मी
d) खरोष्ठी
उत्तर: c) ब्राह्मी
व्याख्या: वेदों को लंबे समय तक मौखिक परंपरा (श्रुति) द्वारा संरक्षित किया गया। जब उन्हें लिपिबद्ध किया गया, तो सबसे प्राचीन उपलब्ध पांडुलिपियों में ब्राह्मी लिपि का प्रयोग हुआ।
26. ‘बृहदारण्यक उपनिषद’ में ‘अहं ब्रह्मास्मि’ का क्या अर्थ है?
a) मैं ब्रह्म का पुत्र हूँ
b) मैं ही ब्रह्म (परमात्मा) हूँ
c) ब्रह्म सर्वव्यापी है
d) ज्ञान ही ब्रह्म है
उत्तर: b) मैं ही ब्रह्म (परमात्मा) हूँ
व्याख्या: ‘अहं ब्रह्मास्मि’ अद्वैत वेदांत का एक महावाक्य है, जो आत्मा (व्यक्तिगत चेतना) और ब्रह्म (सार्वभौमिक चेतना) की एकता को प्रतिपादित करता है।
27. वैदिक काल में ‘बलि’ क्या था?
a) पशुओं की बलि
b) एक देवता
c) प्रजा द्वारा राजा को स्वेच्छा से दिया गया उपहार/कर
d) एक प्रकार का शस्त्र
उत्तर: c) प्रजा द्वारा राजा को स्वेच्छा से दिया गया उपहार/कर
व्याख्या: ऋग्वैदिक काल में ‘बलि’ एक स्वैच्छिक भेंट थी जो प्रजा अपने राजा को देती थी। उत्तर वैदिक काल में यह एक नियमित और अनिवार्य कर बन गया।
28. ‘अश्वमेध यज्ञ’ का संबंध किससे था?
a) पुत्र प्राप्ति
b) वर्षा के लिए
c) राजनीतिक शक्ति और साम्राज्य विस्तार
d) मोक्ष प्राप्ति
उत्तर: c) राजनीतिक शक्ति और साम्राज्य विस्तार
व्याख्या: अश्वमेध यज्ञ एक शक्तिशाली राजा द्वारा अपनी संप्रभुता स्थापित करने के लिए किया जाता था। इसमें एक घोड़े को स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ा जाता था।
29. किस वेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है?
a) ऋग्वेद
b) सामवेद
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
उत्तर: d) अथर्ववेद
व्याख्या: अथर्ववेद में सभा और समिति के महत्व को दर्शाते हुए उन्हें प्रजापति की दो पुत्रियों के रूप में वर्णित किया गया है, जो राजा पर नियंत्रण के लिए आवश्यक थीं।
30. ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ (अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो) यह कथन मूलतः कहाँ से लिया गया है?
a) ऋग्वेद
b) मुण्डक उपनिषद
c) बृहदारण्यक उपनिषद
d) महाभारत
उत्तर: c) बृहदारण्यक उपनिषद
व्याख्या: यह प्रसिद्ध प्रार्थना ‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय’ बृहदारण्यक उपनिषद का हिस्सा है।
31. ऋग्वैदिक काल में ‘पणि’ किन्हें कहा जाता था?
a) पुरोहितों को
b) पशुओं की चोरी करने वाले या व्यापारियों को
c) योद्धाओं को
d) किसानों को
उत्तर: b) पशुओं की चोरी करने वाले या व्यापारियों को
व्याख्या: ‘पणि’ उन लोगों का समूह था जो व्यापार और वाणिज्य में संलग्न थे। कभी-कभी उन्हें आर्यों के पशुओं को चुराने वाले के रूप में भी वर्णित किया गया है।
32. ‘वेदांग’ की संख्या कितनी है?
a) 4
b) 6
c) 8
d) 10
उत्तर: b) 6
व्याख्या: वेदों को ठीक से समझने के लिए 6 वेदांगों की रचना की गई: शिक्षा (ध्वनि विज्ञान), कल्प (अनुष्ठान), व्याकरण, निरुक्त (व्युत्पत्ति), छंद और ज्योतिष।
33. वैदिक काल की विदुषी महिला ‘गार्गी’ ने किस राजा की सभा में याज्ञवल्क्य को चुनौती दी थी?
a) राजा जनक
b) राजा दशरथ
c) राजा अश्वपति
d) राजा अजातशत्रु
उत्तर: a) राजा जनक
व्याख्या: बृहदारण्यक उपनिषद के अनुसार, विदेह के राजा जनक की सभा में हुए एक दार्शनिक शास्त्रार्थ में गार्गी ने ऋषि याज्ञवल्क्य से ब्रह्म के स्वरूप पर तीखे प्रश्न पूछे थे।
34. ‘पुरुषमेध’ यज्ञ का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
a) ऋग्वेद
b) शतपथ ब्राह्मण
c) सामवेद
d) मनुस्मृति
उत्तर: b) शतपथ ब्राह्मण
व्याख्या: शतपथ ब्राह्मण, जो यजुर्वेद का एक ब्राह्मण ग्रंथ है, में ‘पुरुषमेध’ (मनुष्य की प्रतीकात्मक बलि) सहित विभिन्न यज्ञों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
35. ‘सांख्य’ दर्शन के प्रतिपादक कौन थे?
a) गौतम
b) जैमिनी
c) कपिल
d) कणाद
उत्तर: c) कपिल
व्याख्या: कपिल मुनि को भारत के प्राचीनतम दर्शनों में से एक, सांख्य दर्शन का प्रणेता माना जाता है, जो सृष्टि की उत्पत्ति पुरुष और प्रकृति के द्वैतवाद से मानता है।
36. वैदिक नदी ‘अस्किनी’ की पहचान वर्तमान में किस नदी से की जाती है?
a) व्यास
b) रावी
c) चिनाब
d) झेलम
उत्तर: c) चिनाब
व्याख्या: वैदिक साहित्य में वर्णित ‘अस्किनी’ नदी को आधुनिक चिनाब नदी के रूप में पहचाना गया है।
37. ‘चार आश्रम’ (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास) की व्यवस्था का स्पष्ट उल्लेख सबसे पहले किस उपनिषद में मिलता है?
a) छांदोग्य उपनिषद
b) मुण्डक उपनिषद
c) कठोपनिषद
d) जाबालोपनिषद
उत्तर: d) जाबालोपनिषद
व्याख्या: यद्यपि तीन आश्रमों का उल्लेख छांदोग्य उपनिषद में है, लेकिन चारों आश्रमों का एक साथ स्पष्ट वर्णन पहली बार जाबालोपनिषद में मिलता है।
38. ऋग्वेद में ‘जन’ शब्द का प्रयोग कितनी बार हुआ है?
a) 175 बार
b) 275 बार
c) 375 बार
d) 475 बार
उत्तर: b) 275 बार
व्याख्या: ऋग्वेद में ‘जन’ शब्द का उल्लेख लगभग 275 बार हुआ है, जो कबीले या समुदाय को संदर्भित करता है, जबकि ‘जनपद’ (क्षेत्रीय राज्य) का उल्लेख एक बार भी नहीं है।
39. ‘पुराणों’ की संख्या कितनी है?
a) 12
b) 16
c) 18
d) 20
उत्तर: c) 18
व्याख्या: पुराण वैदिक साहित्य का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे प्राचीन भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इनकी कुल संख्या 18 मानी जाती है।
40. ‘वैशेषिक’ दर्शन के प्रणेता कौन थे?
a) कपिल
b) गौतम
c) कणाद
d) पतंजलि
उत्तर: c) कणाद
व्याख्या: ऋषि कणाद ने वैशेषिक दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसमें उन्होंने परमाणु सिद्धांत (पदार्थ के अविभाज्य कणों का सिद्धांत) की अवधारणा प्रस्तुत की।
41. वैदिक काल में कर वसूलने वाले अधिकारी को क्या कहा जाता था?
a) भागदुध
b) संग्रहितृ
c) स्थपति
d) पुरोहित
उत्तर: a) भागदुध
व्याख्या: उत्तर वैदिक काल में ‘भागदुध’ वह अधिकारी होता था जो ‘भाग’ नामक कर (आमतौर पर उपज का 1/6 हिस्सा) वसूलता था। ‘संग्रहितृ’ कोषाध्यक्ष होता था।
42. ऋग्वेद का कौन सा मंडल पूर्णतः ‘सोम’ देवता को समर्पित है?
a) सातवाँ मंडल
b) आठवाँ मंडल
c) नौवाँ मंडल
d) दसवाँ मंडल
उत्तर: c) नौवाँ मंडल
व्याख्या: ऋग्वेद का नौवाँ मंडल पूरी तरह से सोम देवता को समर्पित है, जो एक पौधे से प्राप्त होने वाला पेय था और धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण था।
43. किस ब्राह्मण ग्रंथ में स्त्री को पुरुष की ‘अर्धांगिनी’ कहा गया है?
a) ऐतरेय ब्राह्मण
b) तैत्तिरीय ब्राह्मण
c) शतपथ ब्राह्मण
d) गोपथ ब्राह्मण
उत्तर: c) शतपथ ब्राह्मण
व्याख्या: शतपथ ब्राह्मण में पत्नी के महत्व को दर्शाते हुए उसे पति का आधा अंग (‘अर्धांगिनी’) बताया गया है, जिसके बिना यज्ञ पूर्ण नहीं होता।
44. ‘महाभारत’ का पुराना नाम क्या था?
a) कथासरित्सागर
b) जयसंहिता
c) बृहत्कथा
d) राजतरंगिणी
उत्तर: b) जयसंहिता
व्याख्या: महाभारत का प्रारंभिक नाम ‘जयसंहिता’ था, जिसमें लगभग 8,800 श्लोक थे। बाद में श्लोकों की संख्या बढ़ने पर यह ‘भारत’ और फिर ‘महाभारत’ कहलाया।
45. वैदिक काल में ‘यव’ शब्द किस अनाज के लिए प्रयोग होता था?
a) गेहूँ
b) चावल
c) जौ
d) मक्का
उत्तर: c) जौ
व्याख्या: वैदिक साहित्य में ‘यव’ शब्द का प्रयोग जौ के लिए किया गया है, जो आर्यों के प्रमुख अनाजों में से एक था। चावल के लिए ‘व्रीहि’ शब्द का प्रयोग होता था।
46. ऋग्वैदिक समाज की सबसे छोटी इकाई क्या थी?
a) जन
b) विश्
c) ग्राम
d) कुल या परिवार
उत्तर: d) कुल या परिवार
व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज का संगठन इस प्रकार था: कुल (परिवार) -> ग्राम -> विश् -> जन। ‘कुल’ या परिवार सबसे छोटी इकाई थी, जिसका मुखिया ‘कुलप’ कहलाता था।
47. ‘मीमांसा’ या ‘पूर्व मीमांसा’ दर्शन का संबंध किससे है?
a) ज्ञान
b) भक्ति
c) कर्मकांड
d) तर्क
उत्तर: c) कर्मकांड
व्याख्या: जैमिनी द्वारा प्रतिपादित पूर्व मीमांसा दर्शन वेदों के कर्मकांडीय भाग (यज्ञ, अनुष्ठान) की व्याख्या करता है और उनकी प्रामाणिकता को स्थापित करता है।
48. वैदिक काल में राजा अपनी प्रजा से जो कर वसूलते थे, उसे क्या कहते थे?
a) बलि
b) वर्मन
c) कर
d) शुल्क
उत्तर: a) बलि
व्याख्या: वैदिक काल में राजा द्वारा प्रजा से लिया जाने वाला कर ‘बलि’ कहलाता था। यह प्रारंभ में स्वैच्छिक था, पर बाद में अनिवार्य हो गया।
49. आर्यों की भाषा क्या थी?
a) पालि
b) प्राकृत
c) संस्कृत
d) अपभ्रंश
उत्तर: c) संस्कृत
व्याख्या: आर्यों की भाषा संस्कृत थी। सभी वैदिक ग्रंथ, जैसे वेद, ब्राह्मण, उपनिषद आदि, संस्कृत भाषा में ही रचे गए हैं।
50. ‘सर्वाधिक ऋग्वैदिक सूक्त’ किस देवता को समर्पित हैं?
a) अग्नि
b) इंद्र
c) वरुण
d) विष्णु
उत्तर: b) इंद्र
व्याख्या: ऋग्वेद में सबसे अधिक सूक्त (लगभग 250) इंद्र को समर्पित हैं। उनके बाद अग्नि का स्थान है, जिन्हें लगभग 200 सूक्त समर्पित हैं।