महत्वपूर्ण भारतीय संविधान संसोधन

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1.  प्रथम संविधान संसोधन अधिनियम (1951)  * मौलिक अधिकारों में समानता,
स्वतन्त्रता तथा सम्पति  के अधिकार को सिमित  गया |

7वा संविधान संसोधन अधिनियम (1956)     * राज्यों का पुर्नगठन -14राज्य तथा 6 केन्द्शासित प्रदेश, लोकसभा सीटो का पुनविर्तरण,  संघ राज्यक्षेत्र का प्रावधान |
13वा संविधान संसोधन अधिनियम (1962)   * नागालैंड को भारत का नया राज्य घोषित किया गया  (कुछ विशेष उपबंधो के साथ )
 14वा संविधान संसोधन अधिनियम (1962)  *  पाण्डिचेरी को भारत का अंग बनाया गया |
42वा संविधान संसोधन अधिनियम (1976)   *  प्रस्तावना में ‘सम्पूर्ण -प्रभुत्वासम्पन्न,  लोकतन्त्रात्मक 
 गणराज्य’ के  पन्थनिरपेक्ष, समाजवादी तथा अखंडता शब्द  जोड़ा गया |
 * राज्य के निति – निदेशक तत्वों का विस्तार किया गया |
 * संविधान संशोधनों को नयायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती |
 * मौलिक कर्तव्यो का समावेश किया गया |
 * अनुछेद -352के तहत राष्ट्रपति आपात की घोषणा कर सकेगा |
 * समवर्ती सूचि में जोड़े गए – वन, वन्य प्राणी की सुरक्षा, न्यायिक प्रशासन, शिक्षा, नाप तथा तौल |
44वा संविधान संसोधन अधिनियम (1978) * सम्पति के मौलिक अधिकार को हटाकर उसे विधिक अधिकार (300A) बना दिया गया |
  * राष्ट्रपतिको मंत्रिमंडल की सलाह से पुर्नविचार के लिए एक बार लौटाने के बाद दोबारा उसे मानना बाध्यकारी किया गया |
* राष्ट्रीय आपात के सन्दर्भ में ‘आन्तरिक अशांति’ शब्द के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द रखा गया |
* अनुछेद -20और 21 द्वारा प्रदर्त मौलिक अधिकारों को राष्ट्रीय आपातकाल में निलंबित नहीं किया जा सकता  |
52वा संविधान संशोधन अधिनियम (1985) * दल – बदल पर रोक लगाई गई तथा इस सम्बन्ध में संविधान में दसवी अनुसूची बनाई गई |
61वा संविधान संशोधन अधिनियम (1989) * लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में मत्दाताओं की आयु 21वर्ष से घटाकर  18वर्ष  की गई |
73वा संविधान संशोधन अधिनियम (1992) * पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया गया, संविधान मे ग्यारहवी सूचि जोड़ी गई |
74वा संविधान संशोधन अधिनियम (1972) * नगरपालिका वयवस्था को संवैधानिक दर्जा दिया गया, संविधान में बारहवी सूचि जोड़ी गई |
86वा संविधान संशोधन अधिनियम (2002) * संविधान में अनुछेद -21(A), 45तथा (A) को जोड़ा  गया |
 * राज्य द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चो को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया |
91वा संविधान संशोधन अधिनियम (2003) * मंत्रिपरिषद का आकार निश्चित किया गया | केंद्र व राज्य दोनों  में प्रधानमंत्री समेत 15% परन्तु  छोटे राज्यों में मुख्यमंत्री समेत न्यूनतम 12 मंत्री होने चाहिए |
94वा संविधान संशोधन अधिनियम (2006) * अनुसूचित जनजातियो के कल्याण के लिए एक मंत्री का प्रावधान, मध्य प्रदेश एवं ओडिशा के साथ -साथ छत्तीसगढ़ एवं झारखण्ड में भी किया गया |
100वा संविधान संशोधन अधिनियम (2015) * भारत – बांग्लादेश के मध्य भूमि सीमा समझौते से सम्बंधित |
101वा संविधान संशोधन अधिनियम (2016) * वस्तुव सेवा कर (GST) से सम्बंधित |

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